Weather update: पिछले 24 घंटों में झाबुआ जिले में हुई जोरदार बारिश, मौसम मे घुली ठंडक

Weather update: पिछले 24 घंटों में झाबुआ जिले में हुई जोरदार बारिश, मौसम मे घुली ठंडक

झाबुआ, विजय शर्मा 

जिले में पिछले 24 घंटों में झमाझम बारिश (rain) ने लोगों के चेहरों पर एक बार फिर से मुस्कान ला दी है। जिले में अच्छी बारिश से फसलों को नया जीवन मिल गया है और फसलें खेतों में लहराने लगी है। इस बारिश के मौसम में हालाकी बारिश देरी से और धीमि गति से प्रारंभ हुई जिसके चलते लोगों को चिंता सताने लगी थी, लेकिन धीमि गति के बावजूद जिले में समय समय पर हो रही बारिश ने फसलों की स्थिति को मजबूत बना दिया है।

वहीं जिले भर में पहाडियों पर हरियाली आच्छादित हो गई है। जिले भर में चारों और हरियाली की छटा दिखाई पड़ने लगी है। नाले बहने लगे है तो नदियों में भी हलचल दिखलाई पडने लगी है, हालांकी अभी तेज बारिश की दरकरार है क्योंकि अभी तक जिले की माही, अनास, पंम्पावती, पदमावती, हथनी, चुडैली, सुनार आदि नदिया उफान पर नहीं आई है। लेकिन इसके बावजूद जिले में मौसम में ठंडक घुल गई है और लोगों को उमस व गर्मी से भी राहत मिल गई है।

मौसम विभाग के अनुसार जिले में इस साल गुरूवार 13 अगस्त तक कुल 489 एम.एम.बारिश ही दर्ज की गई जोकि लगभग 19 इंच के लगभग है जिले में 32 इंच बारिश की आवश्यकता होती है, जोकि अभी लगभग 13 इंच बारिश की औसत और आवश्यकता है। ऐसी उम्मीद है कि धिरे धिरे ही सही लेकिन औसत बारिश का आंकडा जिला छू लेगा। पिछले चौबिस घंटों में जिले में भू अभिलेख कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार झाबुआ में 40 एम.एम., रामा में 25.4 एम.एम., थांदला में 62.4 एम.एम., पेटलावद में 3.5 एम.एम., रानापुर में 64 एमएम., मेघनगर में 70 एम.एम.बारिश दर्ज की गई है। जिले में अगले दो तीन दिनों तक अच्छी बारिश की संभावना बनी हुई है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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