झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के सारंडा जंगल में गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच एक बड़ी मुठभेड़ हुई। खुफिया सूचना के आधार पर चलाए गए इस संयुक्त ऑपरेशन में 10 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सूत्रों के मुताबिक, मारे गए नक्सलियों में एक 50 लाख का इनामी टॉप कमांडर भी शामिल हो सकता है।
यह मुठभेड़ छोटानागरा थाना क्षेत्र के बहदा-कुमडीह गांव के पास स्थित दुर्दूरा जंगल में हुई। सीआरपीएफ और जिला पुलिस के जवानों को इलाके में 20 से 25 हथियारबंद नक्सलियों के जमा होने की पुख्ता जानकारी मिली थी, जिसके बाद इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
सुबह 6 घंटे तक चली ताबड़तोड़ फायरिंग
जानकारी के अनुसार, सुरक्षाबलों को अपनी ओर आता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी तुरंत जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब 6 घंटे तक भीषण गोलीबारी चलती रही। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि सुबह से ही जंगल से एके-47 और इंसास जैसे ऑटोमैटिक हथियारों की आवाजें कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दे रही थीं।
लंबे समय तक चली गोलीबारी के बाद जंगल में नक्सलियों की गतिविधियां पूरी तरह थम गईं, जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि नक्सली संगठन को इस ऑपरेशन में भारी नुकसान हुआ है।
50 लाख का इनामी कमांडर भी ढेर?
सूत्रों का कहना है कि इस मुठभेड़ में कोल्हान और सारंडा क्षेत्र में सक्रिय एक कुख्यात टॉप नक्सली कमांडर भी मारा गया है, जिस पर करीब 50 लाख रुपये का इनाम था। यह कमांडर कई बड़ी नक्सली घटनाओं का मास्टरमाइंड माना जाता था। हालांकि, सुरक्षाबलों ने अभी तक किसी भी नक्सली के मारे जाने या उसकी पहचान को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
खुफिया सूचना पर आधारित था ऑपरेशन
यह पूरा ऑपरेशन एक मजबूत खुफिया इनपुट पर आधारित था। सुरक्षा एजेंसियों को सूचना मिली थी कि नक्सली दुर्दूरा जंगल में इकट्ठा होकर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसी सूचना पर सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस ने मिलकर एक सटीक रणनीति बनाई और ऑपरेशन को अंजाम दिया। जवानों ने इलाके की भौगोलिक जानकारी का फायदा उठाते हुए नक्सलियों के भागने के सभी रास्ते बंद कर दिए थे।
मुठभेड़ खत्म होने के बाद भी पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों को आशंका है कि जंगल से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और नक्सली साहित्य बरामद हो सकता है। आधिकारिक पुष्टि के बाद यह ऑपरेशन नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जाएगी।





