झारखंड के रांची में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ हजारों की संख्या में छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। आज इन छात्रों ने विधानसभा के घेराव का ऐलान किया था। छात्रों का यह घेराव शुरू हो चुका है और बड़ी संख्या में यह विधानसभा के करीब पहुंच चुके हैं।

छात्रों द्वारा किए गए विधानसभा घेराव के ऐलान को देखते हुए प्रशासन द्वारा कई जगह पर बैरिकेडिंग करते हुए पुलिस बल लगाया गया था। जब छात्रों ने धरना करना शुरू किया और यह आगे बड़े तब पुलिस द्वारा लाठी चार्ज किया गया है। इस पर छात्रों ने भी पानी की बोतलें और चप्पल फेंकी है। इसी बीच ये जानकारी भी सामने आई है कि JPSC के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते को अरेस्ट कर लिया गया है।

छात्रों पर किया गया लाठीचार्ज

जब छात्रों द्वारा विधानसभा का घेराव करने के लिए मार्च शुरू किया गया। तब शुरुआत में तो सब कुछ ठीक था। ना तो वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया था। न ही टियर गैस और लाठी चार्ज किया गया। लेकिन जैसे ही छात्र छठे और आखिरी बैरिकेड की तरफ पहुंचे तो पुलिस ने वाटर कैनन का उपयोग करना शुरू कर दिया। इस वाटर कैनन से तितर बितर होने की जगह छात्र गमछा लहरा कर नाचते हुए दिखाई दिए। इसके बाद विधानसभा कूच कर रहे यह छात्र जब सातवें और आखिरी बैरिकेड को तोड़कर आगे बढ़े तब पुलिस ने इनपर लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया। सातवें बैरिकेड को तोड़ने के बाद प्रदर्शनकारियों और विधानसभा के बीच कोई भी रोक नहीं है।

 

 

लाठी चार्ज से नाराज छात्र

बता दें कि छात्र विधानसभा से केवल 10 मिनट की पैदल दूरी पर है। वो ये तय कर चुके हैं कि वह विधानसभा कूच कर सीएम हेमंत सोरेन से बात करना चाहते हैं। इन्हें रोकने के लिए पुलिस लाठियां मार मार कर इन्हें खदेड़ रही है। कुछ छात्रों को चोट लगने की जानकारी भी सामने आई है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस के इस व्यवहार के प्रति नाराज की जताते हुए कहा है कि वह शांति से आगे बढ़ रहे थे एक शब्द भी नहीं कहा लेकिन पुलिस ने बर्बरता से लाठी चलाई है।

 

 

क्या है मामला

झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली को लेकर छात्र आंदोलन कर रहे हैं। पिछले 16 दिनों से छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। यह छात्र लगातार जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षा को रद्द करने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। इनकी कुछ मांगे मान ली गई है लेकिन यह अपनी अन्य मांगों को लेकर अभी भी प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की ओर से 10 अगस्त को विधानसभा तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने का ऐलान किया गया है।

छात्र 11वीं से लेकर 13वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने, जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। छात्रों का कहना है कि अनियमिताओं का शिकार हुई इन परीक्षाओं को रद्द किया जाए। इसी के साथ जेपीएससी और जेएसएससी की धांधली में ऊपर से लेकर नीचे तक जो लोग शामिल है सभी को हटाया जाए। वो जेएसएससी सचिव सुधीर गुप्ता के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।