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खुल गया SSD GD का करेक्शन विंडो, 7 नवंबर तक करें आवेदन में बदलाव, 39, 481 पदों पर होगी भर्ती, देखें लिंक और स्टेप्स 

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एसएससी जीडी भर्ती के लिए करेक्शन विंडो खुल चुका है। उम्मीदवार नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, रोल नंबर इत्यादि जानकारी में बदलाव कर सकते हैं।
खुल गया SSD GD का करेक्शन विंडो, 7 नवंबर तक करें आवेदन में बदलाव, 39, 481 पदों पर होगी भर्ती, देखें लिंक और स्टेप्स 

SSC GD 2025: कर्मचारी चयन आयोग ने 5 नवंबर यानि आज एसएससी जीडी का करेक्शन विंडो खुल दिया है। जिन भी उम्मीदवारों ने फॉर्म भरा है वे ऑनलाइन ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर हाकर आवेदन पत्र में सुधार या बदलाव कर सकते हैं। अंतिम तिथि 7 नवंबर 2024 है।

करेक्शन पोर्टल को लेकर कुछ दिन पहले एसएससी ने नोटिस भी जारी किया था। जिसके मुताबिक निर्धारित समय सीमा के बाद उम्मीदवारों को आवेदन में सुधार या बदलाव का अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। पोस्ट, फैक्स, ईमेल और अन्य माध्यम से भी फॉर्म में सुधार या बदलाव के अनुरोध को आयोग स्वीकार नहीं करेगा।

ऐसे करें फॉर्म में बदलाव (SSC GD 2025 Correction Window)

  • सबसे पहले ऑफिशियल वेबसाइट ssc.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर “Login” के ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • रजिस्ट्रेशन नंबर पासवर्ड और अन्य जानकारी दर्ज करके लॉग इन करें।
  • “Application Correction” के लिंक पर क्लिक करें।
  • जरूरी सुधार आवेदन में करें। इसे अच्छे से चेक करें और जमा करें।

क्या बदल सकते हैं क्या नहीं? (SSC GD Vacancy)

उम्मीदवार आवेदन पत्र में खुद का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, रोल नंबर और जेंडर बदल सकते हैं। पहले करेक्शन के लिए 200 रुपये और दूसरे के लिए 500 रुपये शुल्क का भुगतान कर सकते हैं।

इन पदों पर होगी भर्ती (Staff Selection Commission)

बता दें कि एसएससी जीडी परीक्षा के तहत सीएपीएफ और एसएसएफ में कांस्टेबल, असम राइफल्स में राइफलमैन और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो में सिपॉय पदों पर भर्ती की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 5 सितंबर से 14 अक्टूबर तक जारी थी। कुल 39,481 पदों पर भर्ती होने वाली है।

Manisha Kumari Pandey
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पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey
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