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“SIR चुनावी नतीजों को प्रभावित करने का एक हथियार..” कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे का बड़ा आरोप, कहा- यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं, आरोप है कि इसका उपयोग भाजपा को राजनीतिक लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है।
“SIR चुनावी नतीजों को प्रभावित करने का एक हथियार..” कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे का बड़ा आरोप, कहा- यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं

कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पर सियासी घमासान चरम पर है। राज्य सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता प्रियांक खरगे ने इस प्रक्रिया के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लाभ पहुंचाने की कोशिश पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस का दावा है कि चुनाव आयोग द्वारा शुरू की जा रही यह प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है और इसका सीधा फायदा एक खास राजनीतिक दल को पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

बंगलूरू में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रियांक खरगे ने स्पष्ट किया कि एसआईआर कोई सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे चुनावी नतीजों को प्रभावित करने के एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी तीखा हमला बोला और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगाए। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र की आत्मा के लिए खतरा बन सकती है, यदि इसे राजनीतिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किया जाए। उनकी यह चिंता मध्य प्रदेश में भाजपा की उन चिंताओं से मिलती-जुलती है, जहाँ पार्टी ने बीएलओ की लापरवाही से मध्यम वर्ग के मतदाताओं के नाम छूटने की बात कही थी, लेकिन कर्नाटक में आरोप सीधे तौर पर चुनावी लाभ पहुंचाने के हैं।

SIR प्रक्रिया की निष्पक्षता पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

कांग्रेस नेता ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि चुनाव आयोग से लगातार पूछे जा रहे सवालों का कोई स्पष्ट और संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। उन्होंने संवैधानिक संस्था की जवाबदेही पर भी गंभीर प्रश्न खड़े किए, यह पूछते हुए कि क्या आयोग संविधान से ऊपर है। खरगे ने चेतावनी दी कि जब तक उनके उठाए गए सवालों का ठोस उत्तर नहीं मिलता और एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की जाती, कांग्रेस पार्टी इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। यह बयान चुनाव आयोग पर सीधा दबाव बनाने का एक बड़ा राजनीतिक कदम माना जा रहा है।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्नाटक सरकार के कानून मंत्री एच.के. पाटिल ने भी संकेत दिए हैं कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मुद्दे को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का रुख कर सकती है। यह दर्शाता है कि कांग्रेस इस मुद्दे को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए भी तैयार है। वहीं, उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी कांग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाकर इस मुद्दे पर आगे की रणनीति तैयार करने की बात कही है। यह कदम आगामी चुनावों से पहले पार्टी की एकजुटता और इस मुद्दे पर उसके मजबूत रुख को प्रदर्शित करता है।

चुनाव आयोग ने की SIR के तीसरे चरण की घोषणा

गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने हाल ही में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तीसरे चरण की घोषणा की है। इस चरण के तहत देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण किया जाएगा, जिसमें 36 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल होंगे। कर्नाटक सहित कई राज्यों में इस प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, जहां विपक्षी दल इस पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। यह पुनरीक्षण प्रक्रिया आमतौर पर मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए की जाती है, लेकिन मौजूदा आरोपों ने इसकी विश्वसनीयता पर संदेह पैदा कर दिया है।

भाजपा पर एसआईआर प्रक्रिया का दुरुपयोग कर अपने पक्ष में चुनावी माहौल बनाने के आरोपों ने प्रदेश के सियासी पारे को और बढ़ा दिया है। कांग्रेस का यह रुख आगामी चुनावों से पहले एक बड़े राजनीतिक टकराव का संकेत दे रहा है, जहां मतदाता सूची की शुद्धता और आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं माने जा रहे हैं। देखना होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देता है और कांग्रेस अपनी रणनीति को किस दिशा में आगे बढ़ाती है। इस पूरे प्रकरण का असर निश्चित तौर पर राज्य की राजनीति पर पड़ेगा और आने वाले समय में यह एक बड़ा चुनावी मुद्दा बन सकता है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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