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क्या कर्नाटक कांग्रेस में गहराया नेतृत्व संकट? पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया-शिवकुमार से की चर्चा

Written by:Banshika Sharma
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कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर चल रहे आंतरिक गतिरोध के बीच, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से अहम बातचीत की है।
क्या कर्नाटक कांग्रेस में गहराया नेतृत्व संकट? पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया-शिवकुमार से की चर्चा

कर्नाटक कांग्रेस में लंबे समय से जारी नेतृत्व के मुद्दों और आंतरिक गुटबाजी को समाप्त करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ गहन विचार-विमर्श किया है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राज्य में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर नई अटकलें तेज हो गई हैं और पार्टी के भीतर खींचतान की खबरें लगातार सामने आ रही हैं।

दरअसल पार्टी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को तिरुवनंतपुरम से बेंगलुरु तक की यात्रा के दौरान खरगे, सिद्धारमैया और शिवकुमार के साथ कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी एक साथ सफर किया। इस यात्रा के उपरांत, राज्य के ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज के आवास पर इन महत्वपूर्ण नेताओं के बीच गहन विचार-विमर्श का दौर चला, जहां राज्य के ज्वलंत राजनीतिक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस बैठक का मुख्य एजेंडा कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के एक वर्ष पूरे होने के बाद उत्पन्न हुए नेतृत्व संबंधी विवादों का समाधान खोजना था।

क्या नेतृत्व में परिवर्तन हो सकता है?

दरअसल, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के बाद से ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच कथित सत्ता संघर्ष की खबरें लगातार सुर्खियां बटोर रही हैं। यह गतिरोध तब और अधिक गहरा गया जब कांग्रेस सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। पिछले वर्ष सरकार गठन के समय से ही दोनों नेताओं के बीच सत्ता-साझाकरण के मुद्दे को लेकर राजनीतिक गलियारों में अटकलें जारी थीं, जिसके तहत यह माना जा रहा था कि कुछ समय बाद नेतृत्व में परिवर्तन हो सकता है। इन अटकलों ने दोनों गुटों के समर्थकों के बीच खींचतान को और बढ़ा दिया है, जिससे पार्टी की छवि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और सरकार के कामकाज पर भी इसका असर पड़ने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

दोनों नेताओं को दिल्ली बुला सकती है कांग्रेस

वहीं इसी आंतरिक कलह और नेतृत्व संबंधी चुनौतियों के समाधान हेतु कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने अब सीधे तौर पर हस्तक्षेप करने का निर्णय लिया है। विश्वसनीय पार्टी सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी जल्द ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, दोनों ही प्रमुख नेताओं को दिल्ली तलब कर सकती है। इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय नेतृत्व के समक्ष कर्नाटक में चल रहे नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे, विभिन्न गुटों के बीच सामंजस्य स्थापित करने और राज्य से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण संगठनात्मक मामलों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह अपेक्षित है कि यह निर्णायक बैठक अगले सप्ताह के भीतर आयोजित की जा सकती है, जिससे राज्य इकाई में व्याप्त अनिश्चितता का पटाक्षेप हो सके।

कर्नाटक कांग्रेस का गढ़

दरअसल यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कर्नाटक कांग्रेस देश में पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण गढ़ है और यहां की राजनीतिक स्थिरता आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी के लिए अत्यधिक मायने रखती है। किसी भी प्रकार का आंतरिक असंतोष या नेतृत्व संघर्ष पार्टी की चुनावी संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है। मल्लिकार्जुन खरगे, जो स्वयं कर्नाटक से आते हैं, इस स्थिति की गंभीरता को भली-भांति समझते हैं और इसलिए व्यक्तिगत रूप से इस मामले में दखल दे रहे हैं ताकि राज्य में पार्टी संगठन को एकजुट रखा जा सके और सरकार सुचारू रूप से कार्य कर सके। इस बैठक के माध्यम से आलाकमान की मंशा यह है कि दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच के मतभेदों को दूर कर एक साझा रणनीति तैयार की जाए, जिससे राज्य के विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके और जनता के बीच पार्टी की विश्वसनीयता बनी रहे। आगामी दिल्ली बैठक में लिए गए निर्णय कर्नाटक कांग्रेस के भविष्य की दिशा तय करेंगे और यह भी स्पष्ट करेंगे कि क्या पार्टी नेतृत्व राज्य इकाई में पूर्ण सामंजस्य स्थापित करने में सफल हो पाता है या नहीं।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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