बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में फोन टैपिंग के आरोपों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी और विपक्ष के नेता आर अशोक द्वारा लगाए गए जासूसी के आरोपों पर अब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जोरदार पलटवार किया है। उन्होंने इन सभी दावों को विपक्ष की हताशा और बुरी राजनीति का परिणाम बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया।
मंगलवार को सीएम सिद्धारमैया ने इन आरोपों को ‘चोर को सब चोर ही नजर आते हैं’ कहावत जैसा बताया। उन्होंने कहा कि जब से कांग्रेस राज्य में सत्ता में आई है, विपक्षी नेता लगातार मेरे और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच दरार पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया, “वे चाहे जितनी भी फूट डालने की कोशिश करें, इसका हमारे अच्छे रिश्ते पर कोई असर नहीं पड़ेगा।”
‘हमारा रिश्ता दूध-शहद जैसा’
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बयान का समर्थन किया और अपने रिश्ते पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि सीएम ने जो कुछ भी कहा है, वह अपने अनुभव से कहा है।
“हम दोनों के बीच का रिश्ता निश्चित रूप से दूध और शहद जैसा है। समय हर बात का जवाब देगा।”- डीके शिवकुमार, उपमुख्यमंत्री, कर्नाटक
मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों पर शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर अब तक कोई बात नहीं की है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के रूप में छह साल पूरे होने पर वह 10 मार्च को एक डिनर का आयोजन करेंगे, जिसमें नए नेतृत्व को मौका देने की बात भी कही।
विपक्ष पर आरोपों की बौछार
सिद्धारमैया ने आरोप लगाने वाले नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि ये नेता खुद मुख्यमंत्री और गृह मंत्री जैसे बड़े पदों पर रह चुके हैं और खुफिया विभाग उनके अधीन काम करता था। उन्होंने कहा, “लगता है कि उनके ये दावे दफ्तर में उनके अपने पिछले अनुभवों से निकले हैं।”
मुख्यमंत्री ने 2018 की एक घटना को भी याद दिलाया जब कुमारस्वामी के कार्यकाल में आदिचुंचनगिरी के पुजारी समेत कई साधुओं के फोन टैप करने के आरोप लगे थे। बाद में हुई जांच में इसकी पुष्टि भी हुई थी। सिद्धारमैया ने केंद्र सरकार पर भी राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ सीबीआई, ईडी और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने साफ किया कि न तो वह और न ही उनकी पार्टी के नेता किसी की धमकी के आगे झुकेंगे। उन्होंने विपक्ष को रचनात्मक भूमिका निभाने की सलाह देते हुए विश्वास जताया कि कांग्रेस सरकार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी।






