बेंगलुरु: कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के कुछ महीनों बाद ही मुख्यमंत्री पद को लेकर शुरू हुई खींचतान अब एक बार फिर सतह पर आ गई है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के खेमों के बीच चल रही तनातनी उस वक्त और बढ़ गई, जब एक कांग्रेस विधायक ने खुले तौर पर नेतृत्व में बदलाव की मांग कर दी। इस सियासी हलचल के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को 26 फरवरी को दिल्ली तलब किया गया है, जहां उनकी पार्टी आलाकमान के साथ अहम बैठक हो सकती है।
यह पूरा घटनाक्रम रविवार को कांग्रेस विधायक एचए इकबाल हुसैन के एक बयान के बाद तेज हुआ। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अब नेतृत्व में बदलाव की जरूरत है और दूसरों को भी मौका मिलना चाहिए।
‘यह सभी विधायकों की मांग है’
सीएम पद को लेकर चल रहे विवाद पर बोलते हुए विधायक इकबाल हुसैन ने पार्टी आलाकमान से भ्रम की स्थिति को तत्काल खत्म करने का आग्रह किया।
“हमें बदलाव चाहिए। हम दूसरों को मौका देने के लिए कह रहे हैं। हम सिर्फ चुनाव के नजरिए से बदलाव की मांग कर रहे हैं। हाईकमान को नेतृत्व में बदलाव को लेकर जो कन्फ्यूजन है, उसे जल्दी से दूर करना चाहिए। यह मेरे समेत सभी विधायक और मंत्रियों की मांग है।”- एचए इकबाल हुसैन, कांग्रेस विधायक
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उपमुख्यमंत्री शिवकुमार को 26 फरवरी को इसी सिलसिले में दिल्ली बुलाया गया है। इस बीच, लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुई बैठक को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है।
आलाकमान के सामने बड़ी चुनौती
एक तरफ जहां सिद्धारमैया का गुट मुख्यमंत्री पद पर किसी भी तरह के बदलाव की मांग को लगातार खारिज कर रहा है, वहीं डीके शिवकुमार का खेमा बदलाव के लिए दबाव बना रहा है। शिवकुमार गुट लगातार फरवरी के अंत तक विधायक दल की बैठक बुलाने पर जोर दे रहा है।
कांग्रेस आलाकमान के लिए यह फैसला लेना आसान नहीं है। पार्टी को चिंता है कि अगर डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो सिद्धारमैया से जुड़े लिंगायत और अल्पसंख्यक मतदाता नाराज हो सकते हैं। वहीं, अगर सिद्धारमैया को बनाए रखा जाता है, तो शिवकुमार के नेतृत्व में वोक्कालिगा समुदाय और पार्टी का संगठनात्मक ढांचा हतोत्साहित हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी के साथ मिलकर फैसला लेने का आश्वासन दिया है। माना जा रहा है कि 26 फरवरी को डीके शिवकुमार के साथ होने वाली बातचीत के बाद दोनों वरिष्ठ नेताओं से इस पर चर्चा की जाएगी।





