समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला करते हुए कहा है कि सिर्फ वस्त्र पहनने या कान छिदवाने से कोई योगी नहीं बन जाता। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने सरकार पर कई मोर्चों पर विफलता का आरोप लगाया और सीएम के जापान दौरे पर भी तंज कसा।
अखिलेश यादव ने योगी की परिभाषा को लेकर गीता और गुरुनानक जी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि असली योगी वह है जो दूसरों के दुख को अपना समझे और माया में रहकर भी उससे दूर रहे।
“उनके वस्त्र देखकर हम धोखा खा रहे हैं, गीता में लिखा है कि माया में रहकर माया से दूर हो और जो दूसरे का दुख अपना दुख समझे वो है योगी। गुरुनानक जी ने कहा कि वस्त्र पहनने से और कान छिदाने से कोई योगी नहीं हो जाता।” — अखिलेश यादव
शंकराचार्य के अपमान और पुराने मुकदमों पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए व्यवहार पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक पर निशाना साधते हुए कहा, “जिस समय शिखा को पकड़कर अपमानित किया जा रहा था, उस वक्त ये लोग कहां थे। उसी समय संगम किनारे जाना चाहिए था, शंकराचार्य धरने पर बैठे रहे, सर्दी पड़ रही थी।”
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे आरोपों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने एक पुराने मामले को भी याद किया। उन्होंने कहा, “अगर ये रामभद्राचार्य जी का चेला है तो मुझसे गलती हुई, हमने कभी रामभद्राचार्य जी पर 420वीं का मुकदमा वापस लिया था, हमें उन्हें जेल भेज देना चाहिए था। कभी-कभी विचारों को लेकर झगड़े हो जाते हैं। इस तरह के घटिया आरोप लगवाएंगे आप?” उन्होंने दावा किया कि जनता सरकार को अस्वीकार कर चुकी है और वोटिंग का इंतजार कर रही है।
जापान दौरे से लेकर बदायूं-गोरखपुर तक, हर मुद्दे पर घेरा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे पर तंज कसते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा, “जापान जा रहे हैं, क्योटो नहीं जा रहे हैं। कम से कम जाएं और अफसोस करेंगे कि 10 साल में क्या काम करना था और क्या काम नहीं कर पाए।”
इसके अलावा, उन्होंने राज्य की कानून-व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
- बदायूं मामला: उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोग नफरत फैलाने के लिए जानबूझकर ऐसे मामलों को सोशल मीडिया पर डालते हैं।
- गोरखपुर स्वास्थ्य व्यवस्था: उन्होंने गोरखपुर में चल रहे इलाज पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या इलाज चल रहा है वहां पर? केवल गोरखधंधा चल रहा है, 19 लोगों की आंखें चली गईं।”
- गौसेवा: गौमाता के सवाल पर उन्होंने बीजेपी पर पाखंड का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी गौशाला में कई गायें हैं और वे लगातार सेवा कर रहे हैं, जबकि बीजेपी वाले पहली रोटी खुद खाते हैं और बचा हुआ या पॉलीथीन गाय को खिलाते हैं।
अखिलेश यादव ने अपने ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे को दोहराते हुए कहा कि जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ेगी, वैसे-वैसे पीडीए भी बढ़ेगा।






