मजदूरों से भरी बस और ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर, एक की मौत, 3 घायल

मजदूरों से भरी बस और ट्रैक्टर की जोरदार टक्कर, एक की मौत, 3 घायल

कटनी| लॉक डाउन के बीच प्रवासी मजदूरों की घर वापसी का दौर जारी है| इस बीच प्रदेश में लगातार सड़क हादसे भी हो रहे हैं, ताजा मामला मध्य प्रदेश (Madhya pradesh) के कटनी (Katni) से है, जहां स्लीमनाबाद बायपास पर सोमवार दोपहर को एक दर्दनाक सड़क हादसा (Road accident) हुआ| मजदूरों से भरी बस और ट्रैक्टर की जोरदार भिड़ंत हो गई| हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। वहीं घटना में ट्रेक्टर में सवार तीन अन्य लोग घायल हुए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार राजमार्ग पर आंध्र प्रदेश के हैदराबाद से गोंडा और प्रतापपुर उत्तर प्रदेश के मजदूरों को लेकर जा रही बस अनियंत्रित होकर ट्रेक्टर से जा टकराई| टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर और ट्रॉली दो हिस्सों में अलग-अलग हो गए। हादसे में ट्रैक्टर चालक राजकुमार भूमिया उम्र 22 वर्ष निवासी गाता खेड़ा बहोरीबंद की रास्ते में मौत हो गई| जबकि ट्रैक्टर में सवार राजेंद्र पिता शंकर भूमिया 20 वर्ष, बल्लू भूमिया पिता छोटे भूमिया, छोटू पिता शिव प्रसाद उम्र 20 वर्ष, धक्का उर्फ राजेंद्र पिता महेश उम्र 30 वर्ष और अन्य दो लोगों को चोटें आई हैं जिन्हें जिला चिकित्सालय अस्पताल में भर्ती किया गया।

बस में सवार लगभग लोगों को कोई चोट नहीं आई है| घटना के बाद बस में सवार मजदूर हाईवे से निकलने वाले ट्रकों में सवार होकर आगे की ओर रवाना हो गए|

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews