Lockdown: मदद के लिए आगे आए जनप्रतिनिधि, इस तरह से कर रहें लोगों की मदद

Lockdown: मदद के लिए आगे आए जनप्रतिनिधि, इस तरह से कर रहें लोगों की मदद

कटनी। वंदना तिवारी।

कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए प्रशासन अलर्ट पर है। हर जिले हर शहर में सैनिटाइज किया जा रहा है। सभी को मास्क लगाने को कहा जा रहा है और घर से निकलने को मना किया गया है। वही देखा जाए तो प्रशासन जनता को परेशानी ना हो हर संभव प्रयास कर रहा है।इसी बीच कटनी के जनप्रतिनिधि जनता के लिए सड़कों पर उतर आए। पूर्व राज्य मंत्री और वर्तमान विजयराघवगढ़ विधायक संजय सत्येंद्र पाठक और कटनी नगर निगम के निवर्तमान महापौर शशांक श्रीवास्तव यह दोनों जनप्रतिनिधि अब सड़कों पर उतर कर जनता की सेवा करने में लगे है।

दरअसल संजय पाठक क्षेत्र में दौरा करके सभी सड़कों पर सैनिटाइज कर रहे हैं तो वहीं शशांक श्रीवास्तव घर में खाना बनाते पूड़ी बनाते नजर आ रहे हैं। विधायक संजय पाठक कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए सिनेटाइज करते दिख रहे हैं तो वहीं निवर्तमान महापौर शशांक श्रीवास्तव पुड़िया बनाते नजर आ रहे हैं। दोनों ही जनप्रतिनिधि जनता की सेवा में लगे हुए हैं कि इस बढ़ती महामारी में जनता को कोई भी दिक्कत ना हो ताकि लोगों को सही समय पर खाना मिले और लोगों को कोरोना वायरस से दूर रखा जाए।

वहीं जिला प्रशासन भी हर तरफ से जनता की सेवा कर रहा है। जहां यह दोनों जनप्रतिनिधि भी अपने क्षेत्र में जनता की सेवा में जुट गए हैं। जनता को परेशानी ना हो हर सभव प्रयास कर रहे है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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