Valentine’s Day Special: MP के इस IPS की कुछ ऐसी है ‘LOVE STORY’, देखें वीडियो

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कटनी।वंदना तिवारी।

पुलिस का ज़िक्र आते ही हमारे सामने एक कड़क छवि उभरती है। एक ऐसा अधिकारी जो सख्त है, अपने काम को लेकर संजीदा और काम की प्रकृति के कारण व्यवहार में शायद कुछ कठोर। लेकिन हमेशा ऐसा ही नहीं होता, पुलिस अधिकारी भी उसी शिद्दत से प्रेम करते हैं..प्रेम को जीते हैं, जैसे की आप और हम। तो ये एक ऐसे ही पुलिस अधिकारी की अनोखी प्रेम कहानी है, हम आपको मिलवाने जा रहे हैं कटनी पुलिस अधीक्षक ललित शाक्यवार और उनकी पत्नी मधुर खन्ना शाक्यवार से।

इनकी प्रेम कहानी शुरू होती है एक सामान्य जान पहचान से जो पीएससी की तैयारी के दौरान एक कोचिंग क्लास से शुरू हुई थी। ये पहचान पहले दोस्ती में बदली और फिर दोस्ती ने प्यार का चोला पहन लिया। धीरे-धीरे ये अपने करियर के साथ प्रेम में भी आगे बढ़ते गए और फिर इन्होने अपनी ज़िंदगी एक साथ गुज़ारने का तय किया। हालांकि उस समय लव मैरिज करना कुछ मुश्किल लग रहा था लेकिन इन्होने कोशिश की और अपने अपने परिवार में इस बारे में बात की। दोनों के परिवारों ने भी इनकी भावनाओं को समझा और फिर सबकी रज़ामंदी से इनकी लव मैरिज अरेंज मैरिज में तब्दील हो गई। शादी के कुछ समय बाद ही ललित शाक्यवार का एमपीपीएससी में सिलेक्शन हो गया और तबसे वह मानने लगे हैं कि उनकी पत्नी उनका लकी चार्म हैं। इनका कहना है कि जबसे मधुर उनके जीवन में आई हैं, तबसे उन्होंने हर दिन एक नई ऊंचाई को छुआ है। हालांकि काम की अधिकता के कारण कई बार ये वैलेंटाइन डे तो छोड़िये, होली दीवाली तक एक दूसरे के साथ नहीं मना पाते, लेकिन फिर भी इनकी बांडिंग पर कोई असर नहीं पड़ा है। इनकी शादी को 15 साल हो चुके हैं और आज भी ये लव बर्ड्स अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में प्यार की सारी कोंपले सहेजे हुए हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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