खंडवा: ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में अधिकांश दुकानें खुलेंगी, इन व्यवसायों पर रहेगा प्रतिबंध

खंडवा: ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में अधिकांश दुकानें खुलेंगी, इन व्यवसायों पर रहेगा प्रतिबंध

खण्डवा | सुशील विधानी| कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल (Collector Tanvi Sundriyal) ने नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूर्व में जारी प्रतिबंधात्मक आदेशों में कुछ छूट दी है। जारी आदेश अनुसार कन्टेन्मेंट क्षेत्र (Containment Area) को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में ग्रामीण क्षेत्र की सभी दुकानें खोली जा सकेंगी। जिले के अन्दर शहरी क्षेत्र में कन्टेन्मेंट क्षेत्र के भीतर सभी गतिविधियां प्रतिबंधित रहेगी। इन क्षेत्रों में केवल अत्यावश्यक सेवा जारी रहेगी। खण्डवा (Khandwa) शहर में बाम्बे बाजार, रेल्वे स्टेशन से नगर निगम तक के क्षेत्र , आनंद नगर स्थित समूचा बाजार क्षेत्र, शेर तिराहे से पड़ावा हनुमान मंदिर का बाजार क्षेत्र प्रतिबंधित रहेगा, किन्तु इन क्षेत्रों में किराने की थोक व फुटकर दुकाने, मेडिकल स्टोर्स, नर्सिंग होम, दूध, फल व सब्जियों की दुकानें खोली जा सकेंगी। कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने बताया कि खण्डवा शहर के अन्य भागों तथा जिले के अन्य नगरीय क्षेत्रों में सभी दुकानें खोली जा सकेंगी।
इन व्यवसायों पर रहेंगी रोक
कलेक्टर श्रीमती सुन्द्रियाल ने बताया कि खण्डवा जिले की भौगोलिक सीमा में सभी मॉल, सिनेमा घर, जिम, व्यायाम शाला, होटल, रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, चाय, पान की दुकानें, खाद्य पदार्थ बेचने वाले हाथ ठेले, चौपाटी क्षेत्र, गन्ने के रस व अन्य ज्यूस की दुकानें, ब्यूटीपॉर्लर, हेयर कटिंग सेल्यून, बार व शराब की दुकाने पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। उन्होंने बताया कि जिन दुकानों को खोलने की छूट दी गई है, उनमें कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने, सेनिटाइजेशन व साफ सफाई के साथ साथ मॉस्क पहनने की अनिवार्यता का पालन भी सभी को करना होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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