एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

एटीएम कार्ड का क्लोन बनाकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

खंडवा। सुशील विधानि।

यदि आप खरीदी कर एटीएम से पेमेंट करते है। तो सावधान। कहीं ऐसा ना हो कि जहां से आप एटीएम कार्ड से खरीदी कर रहे हैं। वही विक्रेता आपके कार्ड का क्लोन बना ले। खण्डवा पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया। जिसने पिछले तीन वर्ष की अवधि में हजारों एटीएम कॉर्ड का क्लोन बनाकर उससे राशि निकाली। इस गिरोह द्वारा प्रदेश के शहरों में सेल आर्गेनाइज करते थे। जहां कार्ड से शॉपिंग करने वाले ग्राहकों के एटीएम स्कैनर कर उसका क्लोन बना लेते थे।

इनसे 65 एटीएम कार्ड के क्लोन बरामद किए गए। आबिद और कार्तिकेयन नाम के दो आरोपी पकड़े गए। इनसे एटीएम स्कीइंग डिवाईस , लेपटॉप , नगद राशि, क्लोन कार्ड बरामद हुए।यह आरोपी एटीएम का क्लोन बनाने के बाद उसका उपयोग चार से पांच माह बाद करते थे। ताकि किसी को शक नही हो। इस गिरोह ने खण्डवा में सात लोगो को अपना शिकार बनाया। एटीएम के क्लोन से इन्होंने करोड़ों रुपयों का ट्रांजेक्शन कर प्रॉपर्टी और शोरूम बनाया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन लेपटॉप बरामद किए है। जिससे और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews