महिला कलेक्टर से BJP के आदिवासी विधायक को खतरा

महिला कलेक्टर से BJP के आदिवासी विधायक को खतरा

खंडवा। सुशील विधानी

खंडवा पंधाना क्षेत्र के आदिवासी विधायक राम दंगोरे विधायक निधि की राशि उपलब्ध नहीं होने के मुद्दे जब से उठाया है सबसे विधायक कि मुसीबतें बढ़ती ही जा रही है ।हाल में ही पंधाना विधायक राम दंगोरे के विरुद्ध सांख्यिकी विभाग के अधिकारियों ने एफ आई आर करवाई तभी से विवाद बढ़ता जा रहा है ।विधायकराम दंगोरे ने विधानसभा सत्र में प्रश्न लगाया है साथ ही विधानसभा सचिव को पत्र भेजा है और कहा है कि पंधाना विधानसभा क्षेत्र में अवैध उत्खनन का मामला उठाने पर जिला कलेक्टर एवं खनन माफियाओं द्वारा कभी भी मुझे हानी पहुंचाई जा सकती हैष क्या मेरी सुरक्षा कराई जाएंगी।

पंधाना विधायक ने पूछा है कि पंधाना क्षेत्र में 130 से ज्यादा स्थानों पर अवैध उत्खनन हो रहा है कई बार शिकायत करी इसके बाद भी कलेक्टर द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई अवैध उत्खनन में मध्यप्रदेश शासन को 300 करोड़ रुपए के राजस्व की घाटा हुआ है कलेक्टर पर क्या कार्रवाई की जाएगी ।प्रोटोकॉल पूरा नहीं करने पर क्या जिला सांख्यिकी अधिकारी को किया जाएगा निलंबित इसके जवाब में साक्ष्य प्रस्तुत करने पर संबंधित अधिकारी को निलंबित करेंगे वहीं विधायक राम दंगोरे विधानसभा में प्रश्न लगाया कि 4 मार्च को बिना जांच के मुझे और मेरे भाजपा के कार्यकर्ताओं पर झूठा प्रकरण दर्ज किया
गया क्या जांच समिति गठित करेंगे और मेरे ऊपर f.i.r. हुई इस संबंध में जांच समिति गठित होंगी इस संबंध में f.i.r. के लिए आवेदन दिया गया मगर बयान तक नहीं लिए गए क्या जनप्रतिनिधियों को न्याय की उपेक्षा नहीं करनी चाहिए एफ आई आर कलेक्टर के निर्देश पर हुई उक्त घटनाक्रम की वीडियोग्राफी उपलब्ध कराई गई है फिर भी बिना जांच के एफ आई आर दर्ज कैसे हो गई।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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