सीएम डॉ मोहन यादव बोले, “आतंकवादियों को छोड़ा नहीं जाएगा, यह मोदी जी का ज़माना है, छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं”

मुख्यमंत्री ने कहा “जब हम भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम का नाम लेते हैं तो हमारे विरोधियों को तकलीफ होती है। क्या हम धर्म की बात न करें? क्या हम शैतान की बात करें? हमारे देवी-देवताओं का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
CM Dr. Mohan Yadav Khandwa

Khandwa News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज खंडवा जिले के हरसूद पहुंचे, जहां उन्होंने जनजातीय सम्मेलन में भाग लिया और हाल ही में कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री यादव ने मंच से कहा, “कायराना हरकत करने वालों को हम छोड़ने वाले नहीं हैं। हमारे देश के दुश्मनों के खिलाफ जो कार्यवाही माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सेना कर रही है, उसके स्पष्ट लक्षण दिखाई दे रहे हैं।”

सीएम ने पाकिस्तान और आतंकवाद पर तीखा हमला करते हुए कहा, “टीवी खोलो तो दिखता है कि उनके हाथ-पांव कांप रहे हैं, डर से हलक सूख गया है। अरे बाबा, यह करने से पहले सोचना था – यह मोदी जी का जमाना है, छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं।”

क्या हम धर्म की बात न करें? क्या हम शैतान की बात करें?

मुख्यमंत्री यादव ने अपने संबोधन में धार्मिक मूल्यों की चर्चा करते हुए कहा, “जब हम भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम का नाम लेते हैं तो हमारे विरोधियों को तकलीफ होती है। क्या हम धर्म की बात न करें? क्या हम शैतान की बात करें? हमारे देवी-देवताओं का अपमान अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश सभी दुश्मनों से सख्ती से निपटेगा

उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए कहा, “पति-पत्नी बगीचे में टहल रहे थे, भगवान का नाम ले रहे थे – कश्मीर की वो आनंदमयी छवि को आतंकियों ने बिगाड़ने की कोशिश की है। लेकिन हमारी सेना पूरी तरह सक्षम है और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश सभी दुश्मनों से सख्ती से निपटेगा।”

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खंडवा से सुशील विधाणी की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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