हर साल नया शिक्षा सत्र शुरू होते ही सबसे बड़ी चिंता किताबों और कॉपियों की होती है। अलग-अलग दुकानों पर भटकना, सही किताब ढूंढना और बढ़ती कीमतों का बोझ ये सब मिलकर अभिभावकों के लिए परेशानी बढ़ा देते हैं।
लेकिन इस बार खंडवा में छात्रों और अभिभावकों के लिए एक अच्छी खबर आई है। जिला प्रशासन की पहल पर एक विशेष पुस्तक मेला आयोजित किया जा रहा है, जहां नर्सरी से लेकर 12वीं तक की सभी कक्षाओं की किताबें एक ही जगह उपलब्ध होंगी।
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26 से 30 मार्च तक लगेगा पुस्तक मेला
खंडवा में यह पुस्तक मेला 26 मार्च से 30 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। यह मेला जिमखाना ग्राउंड के पास, सूरजकुंड स्थित पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में लगेगा। यह पुस्तक मेला खास तौर पर छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया जा रहा है, ताकि उन्हें समय पर और उचित कीमत पर सभी जरूरी किताबें मिल सकें।
प्रशासन का साफ निर्देश, नहीं होगी मनमानी
इस पुस्तक मेले को लेकर जिला प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की अनियमितता या मनमानी नहीं होनी चाहिए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने पुस्तक विक्रेताओं की बैठक में कहा कि सभी किताबें रियायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएं और छात्रों को पूरा सेट एक ही जगह मिलना चाहिए।
साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि दुकानदार मेले में आने वाले लोगों को अपनी दुकान पर आने के लिए मजबूर नहीं करेंगे, बल्कि यहीं पर सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
डिस्काउंट और जानकारी होगी साफ-साफ प्रदर्शित
पुस्तक मेले में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। हर स्टॉल पर यह स्पष्ट लिखा होगा कि कौन-कौन सी किताबें उपलब्ध हैं और उन पर कितना डिस्काउंट दिया जा रहा है।
इसके अलावा यह भी बताया जाएगा कि किस स्कूल की किताबें किस स्टॉल पर मिलेंगी। कॉपियों और अन्य शिक्षण सामग्री पर मिलने वाली छूट की जानकारी भी खुले तौर पर प्रदर्शित की जाएगी। इससे अभिभावकों को सही जानकारी मिलेगी और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सभी कक्षाओं की किताबें एक ही जगह
इस पुस्तक मेले की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां नर्सरी से लेकर 12वीं तक की सभी कक्षाओं की किताबें एक ही स्थान पर मिलेंगी। अलग-अलग दुकानों पर जाने की जरूरत नहीं होगी और छात्रों को पूरा सेट एक ही जगह मिल जाएगा। इससे समय की बचत होगी और अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।
पुस्तक विक्रेताओं को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि हर कक्षा और स्कूल की किताबों की सूची काउंटर पर उपलब्ध रखें, ताकि किसी को भी किताब ढूंढने में परेशानी न हो।