मूसलाधार बारिश से ओझल हुआ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर, ठप हुआ नौका विहार, फिसलन भरे घाटों पर संभलकर चले श्रद्धालु

तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में गुरुवार को हुई तेज बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया, नौका विहार ठप हुआ और विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग का नजारा भी धुंध में छिप गया।
Khandwa News

मध्य प्रदेश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में से एक ओंकारेश्वर में बदली फिजाओं और झमाझम बारिश का नजारा देखने को मिला। जिसके बाद कुछ ही पलों में पूरे शहर का माहौल ही बदल गया। तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी में नौका विहार पूरी तरह से बंद करना पड़ा, जिससे श्रद्धालुओं को निराशा हुई और घाटों पर कुछ देर के लिए सन्नाटा पसर गया।

आमतौर पर श्रद्धालुओं से गुलजार रहने वाले घाटों की ओर आने वाले छोटे-बड़े नालों में पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि श्रद्धालुओं को आने-जाने में खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह तो पानी का वेग इतना प्रबल था कि सामान्य रूप से चलना भी मुश्किल हो गया। बारिश के पानी से घाटों की सीढ़ियां बेहद फिसलन भरी हो गईं। इस स्थिति में कई श्रद्धालु एक-दूसरे का हाथ पकड़कर, बेहद सावधानी से धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़ते और उतरते नजर आए। यह दृश्य बारिश की चुनौतियों के बीच श्रद्धालुओं की आस्था और एक-दूसरे के प्रति सहयोग की भावना को दर्शाता था।

सुरक्षित स्थानों पर रुके लोग

तेज बारिश से बचने के लिए लोग दुकानों के शेडों, धर्मशालाओं और अन्य सुरक्षित स्थानों पर रुक गए। सभी मौसम साफ होने और बारिश थमने का इंतजार करते रहे, ताकि अपनी यात्रा आगे बढ़ा सकें और अपने गंतव्य तक पहुंच सकें। इस दौरान सड़कों पर भी आवाजाही प्रभावित रही और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।

बारिश के बीच ओझल हुआ ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग

बारिश की मोटी चादर ने विश्व प्रसिद्ध ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के नजारे को भी पूरी तरह से अपनी आगोश में ले लिया। गोमुख घाट से कोटितीर्थ घाट तक का पूरा क्षेत्र और दूर से साफ दिखाई देने वाला मंदिर भी बारिश की मोटी चादर और धुंध के कारण पूरी तरह से ओझल हो गया। मानो प्रकृति ने स्वयं ही मंदिर को अपनी चादर से ढक लिया हो, जिससे यह सामान्य दिनों में दूर से दिखने वाला भव्य दृश्य कुछ समय के लिए अदृश्य हो गया।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने नर्मदा नदी में नावों का संचालन भी कुछ समय के लिए रोक दिया। नाव चालकों ने भी श्रद्धालुओं से नदी किनारे और घाटों पर अत्यधिक सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने और फिसलन भरी जगहों पर सतर्कता बरतने की सलाह दी।

धीरे-धीरे सामान्य हुए हालात

कुछ समय बाद जब बारिश का जोर कम हुआ, तो धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे। हालांकि, सावन के महीने के चलते इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकारेश्वर पहुंच रहे हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने सभी भक्तों से विशेष अपील की है कि वे बारिश के दौरान नर्मदा के घाटों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतें। प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे उन स्थानों से दूर रहें जहां पानी का बहाव तेज है और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करें। इसका उद्देश्य किसी भी तरह की अप्रिय घटना या दुर्घटना से बचाव सुनिश्चित करना है और श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है।

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