खंडवा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को रेलवे प्रशासन ने अचानक जांच अभियान चलाकर खानपान व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी है। दरअसल मंगला एक्सप्रेस में स्कूली बच्चों की तबीयत बिगड़ने के अगले दिन हुई कार्रवाई में कुछ फूड स्टॉल पर फफूंद लगी खाद्य सामग्री, गंदगी और जरूरी रिकॉर्ड की कमी मिली। साथ ही बिना टिकट यात्रियों पर भी जुर्माना लगाया गया।
दरअसल निरीक्षण के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, साफ-सफाई और कर्मचारियों के रिकॉर्ड की जांच की गई। अचानक हुई कार्रवाई से स्टेशन पर मौजूद खानपान संचालकों में हड़कंप मच गया।
फूड स्टॉल पर क्या-क्या मिला?
वहीं जांच के दौरान रेलवे मजिस्ट्रेट की टीम को कुछ फूड स्टॉल पर साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। टीम ने वहां रखी कुछ खाद्य सामग्री में फफूंद और खराब हो चुकी सामग्री पाई, जिसे मौके पर जब्त कर नष्ट कराया गया। इसके अलावा कुछ स्टॉल पर कर्मचारियों के वैध दस्तावेज और जरूरी रिकॉर्ड भी उपलब्ध नहीं थे। इन कमियों के चलते संबंधित वेंडर्स पर जुर्माना लगाया गया और भविष्य में खाद्य सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। रेलवे अधिकारियों ने स्टॉल संचालकों को स्पष्ट किया कि स्टेशन पर बिकने वाले खाने की गुणवत्ता यात्रियों की सुरक्षा से सीधे जुड़ी होती है। ऐसे में भोजन के भंडारण, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की पैकिंग, एक्सपायरी और स्टोरेज की भी जांच की गई।
बिना टिकट यात्रियों पर भी चला अभियान
दरअसल खानपान व्यवस्था की जांच के साथ रेलवे प्रशासन ने टिकट जांच अभियान भी चलाया। रेलवे मजिस्ट्रेट की टीम ने स्टेशन परिसर और ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों की जांच की। अचानक हुई कार्रवाई के कारण कुछ देर तक स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई यात्रियों से टिकट की जांच की गई और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई की वजह शुक्रवार रात मंगला एक्सप्रेस में हुई वह घटना बनी, जिसमें स्कूली बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। इस घटना के बाद रेलवे की खानपान व्यवस्था पर सवाल उठे थे। इसके अगले ही दिन रेलवे ने खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष अभियान चलाया।






