
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के खालवा इलाके में बने शासकीय शबरी माता कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं का अपनी अधीक्षिका के प्रति अनोखा प्यार और लगाव देखने को मिला है। जब छात्राओं को यह पता चला कि उनकी अधीक्षिका उमा तिवारी को निलंबित कर दिया गया है तो वे बुरी तरह से आहत हो गईं।
दरअसल खबर मिलते ही करीब 50 छात्राएं गुस्से और गम में छात्रावास के मुख्य गेट का ताला तोड़कर बाहर निकल आईं। वे अपनी बात सीधे कलेक्टर तक पहुंचाने के लिए तेज धूप में ही पैदल मीलों का सफर तय करने के लिए सड़क पर चल पड़ीं जिससे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
दो किलोमीटर से ज्यादा पैदल चलीं छात्राएं
छात्राएं बिना किसी डर के तेज धूप में करीब दो से ढाई किलोमीटर का रास्ता पैदल पार करते हुए ग्राम मोहन्याखेड़ा संदलपुर तक पहुंच गईं। जब प्रशासन को इस बात की भनक लगी तो अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और तुरंत मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अमले को भेजा गया।
हरसूद के एसडीएम आरसी खतेड़िया, नायब तहसीलदार, सहायक आयुक्त और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और छात्राओं को रास्ते में ही रोक लिया। अधिकारियों ने उन्हें प्यार से समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन छात्राएं अपनी जिद पर अड़ी रहीं और सिर्फ कलेक्टर साहब से मिलने की बात कहती रहीं।
अधिकारियों ने समझा-बुझाकर वापस भेजा छात्रावास
अधिकारियों ने छात्राओं को बहुत समझाया कि इस तरह धूप में सड़क पर निकलना उनकी सेहत के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी जो भी बात या शिकायत है उसे लिखित में लेकर बड़े अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा। करीब डेढ़ घंटे की लंबी मशक्कत और मान-मनौव्वल के बाद अधिकारियों ने शासकीय वाहनों का इंतजाम किया और सभी छात्राओं को सुरक्षित वापस छात्रावास पहुंचाया।

