खंडवा: आदिवासी छात्रावास में 11वीं के छात्र की मौत, कमरे में फंदे पर लटका मिला शव, मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस

खंडवा के छैगांव माखन क्षेत्र में नवनिर्मित आदिवासी छात्रावास में 11वीं के छात्र का शव फंदे पर लटका मिला। पुलिस और फॉरेंसिक टीम मामले की जांच कर रही है।
Khandwa News

खंडवा: छैगांव माखन थाना क्षेत्र के सिरसोद रोड स्थित नवनिर्मित राजा शंकरशाह-रघुनाथशाह सीनियर बालक छात्रावास में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हड़कंप मच गया है। यहां रहने वाले कक्षा 11वीं के 18 वर्षीय छात्र पूनमचंद का शव मंगलवार सुबह उसके कमरे में फंदे पर लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे छात्रावास परिसर में सनसनी फैल गई और तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू की।

मृतक छात्र की पहचान ग्राम काकौड़ा, पंधाना निवासी पूनमचंद, पिता तुलसीराम के रूप में हुई है। वह इसी शैक्षणिक सत्र से इस नए बने सीनियर बालक छात्रावास में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी कर रहा था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने की कार्रवाई शुरू की। फिलहाल पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों को लेकर रहस्य गहरा गया है।

परिजन और ग्रामीणों ने रूममेट से की पूछताछ

इस घटना के बाद मृतक छात्र के परिजनों और ग्रामीणों ने छात्रावास पहुंचकर उसके रूममेट से पूछताछ की। रूममेट के अनुसार कमरे में दो अलग-अलग पलंग लगे हुए हैं और दोनों छात्र रात में सामान्य रूप से सो गए थे। रूममेट का कहना है कि पूनमचंद रात में कब बिस्तर से उठा और उसने यह घातक कदम कब उठाया, इसकी उसे भनक तक नहीं लगी। रात के दौरान उसे किसी तरह की आवाज या हलचल भी सुनाई नहीं दी। जब सुबह उसकी आंख खुली, तो उसने पूनमचंद को कमरे में फंदे पर लटका पाया।

रूममेट के बयान के बाद उठ रहे कई सवाल

कमरे में साथ रहने वाले छात्र के इस बयान के बाद घटनाक्रम को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल रूममेट के शुरुआती बयान के आधार पर किसी अंतिम नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की टीम कमरे की खिड़की, दरवाजे और आसपास के स्थानों की सूक्ष्मता से जांच कर रही है। छात्रावास में रहने वाले अन्य विद्यार्थियों और वहां के स्टाफ से भी इस संबंध में लगातार पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है।

फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके को सुरक्षित कर फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने कमरे और आसपास के घटना स्थल से आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य और फिंगरप्रिंट एकत्र किए हैं। पुलिस छात्र के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल, उसके हालिया संपर्कों, छात्रावास में उसके व्यवहार और अन्य परिस्थितियों की भी गहराई से पड़ताल कर रही है। परिजनों और सहपाठियों से पूछताछ के बाद इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि यह संवेदनशील मामला जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित राजा शंकरशाह-रघुनाथशाह सीनियर बालक छात्रावास का है। छैगांव माखन से लगभग तीन किलोमीटर दूर सिरसोद रोड पर इस भव्य छात्रावास का निर्माण हाल ही में कराया गया था। इस छात्रावास का उद्घाटन पिछले महीने ही जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह और सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल की गरिमामयी मौजूदगी में हुआ था।

इतने कम समय में नए छात्रावास में छात्र की मौत होने से अब यहां की सुरक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों की निगरानी प्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। टीआई एसएन पांडेय के अनुसार पुलिस मामले की जांच सभी संभावित कोणों से कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के परिणाम आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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