टेबलेट से पढ़ेंगे आंगनवाड़ियों के बच्चे, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा प्रशिक्षण

टेबलेट से पढ़ेंगे आंगनवाड़ियों के बच्चे, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया जा रहा  प्रशिक्षण

सुशील विधानी/खंडवा। ‘पहला कदम’ कार्यक्रम  के तहत खंडवा जिले के पुनासा और किल्लौद विकासखण्डों की कुल 319 आंगनवाड़ी केन्द्रों के 11 हजार से अधिक बच्चे अब मॉडर्न टेक्नालॉजी के ज़रिये शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। ये बच्चे अब टेबलेट से पढ़ाई करेंगे। उम्मीद है कि इस नवाचार से जिले की आंगनबाड़ियों में बच्चों की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी। ये पहल है कलेक्टर श्रीमती तन्वी सुन्द्रियाल की, जिनके प्रयासों से एनएचडीसी द्वारा जिला प्रशासन खण्डवा को अपने सी.एस.आर. मद से राशि उपलब्ध कराई गई है। इसके अंतर्गत बच्चों को अक्षरज्ञान, आकारों को समझना, रंग आदि की पहचान कराने के साथ ही उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, कौशल विकास व भावनात्मक सामाजिक विकास भी हो सकेगा। बच्चों को टेबलेट से आंगनवाड़ी केन्द्रों में खेल-खेल में पूर्व प्राथमिक नर्सरी शिक्षा दी जायेगी ताकि बच्चा जब प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश ले तो उसे पढ़ाई में कोई समस्या न हो।

महिला बाल विकास अधिकारी अशुंबाला मसीह व डिप्टी कलेक्टर डॉ. आरती सिंह ने बताया कि बलड़ी एवं किल्लौद विकासखण्ड के सेक्टर सुपरवाईजर्स, परियोजना अधिकारियों व आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्य कुशलता बढ़ाने के लिए उन्हें प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान कार्यकर्ताओं को प्री-स्कूल किट का उपयोग सिखाया जा रहा है। इसके अलावा बाल चौपाल व मंगल दिवस आयोजन के संबंध में, आंगनवाड़ी केन्द्रों का रिकार्ड संधारण, टीकाकरण के लिये बच्चों की लिस्ट तैयार करने, टेक होम राशन का रिकार्ड रखने, अतिकम वजन के बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने के लिए किए जाने वाले प्रयासों के संबंध में भी आंगनवाड़ी कार्यकताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ये प्रशिक्षण ग्राम स्वास्थ्य व पोषण दिवस के आयोजन अंतर्गत दिया जा रहा है जिसमें उन्हें उन्होंने मॉडल किचन गार्डन तैयार करने, बच्चों को आयरन सीरप देने के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। साथ ही प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना व लाड़ली लक्ष्मी योजना के शत प्रतिशत हितग्राहियों को चिन्हित करना भी सिखाया जा रहा है। यह प्रशिक्षण दोनों विकासखण्डों में 8 सेक्टर बनाकर स्टर ट्रेनर्स के माध्यम से दिया जा रहा है।

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निदेशक और संपादक

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