खंडवा में RSS का पथ संचलन, पूर्ण गणवेश में निकले सैकड़ों युवा, जगह-जगह हुआ स्वागत

खंडवा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के महाविद्यालयीन युवा कार्य की ओर से गुरुवार शाम भव्य पथ संचलन निकाला गया। बौद्धिक कार्यक्रम में प्रचारक विक्रम रघुवंशी ने युवाओं को रोजगार सृजन, सामाजिक समरसता और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश दिया।
खंडवा में RSS का पथ संचलन, पूर्ण गणवेश में निकले सैकड़ों युवा, जगह-जगह हुआ स्वागत

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक बड़ी और सांस्कृतिक खबर सामने आ रही है। यहां राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महाविद्यालयीन युवा कार्य की ओर से गुरुवार शाम को एक भव्य और अनुशासित पथ संचलन निकाला गया। इस आयोजन में संघ के स्वयंसेवक पूरी तरह से पूर्ण गणवेश में सज-धजकर शामिल हुए और अनुशासित कदमताल करते हुए नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरे।

पथ संचलन शुरू होने से पहले एक विशेष बौद्धिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं को देश, समाज और संस्कृति के प्रति उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया गया। कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रचारक ने युवाओं को भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता और राष्ट्रहित के लिए आगे आकर काम करने के लिए प्रेरित किया। इस संचलन को देखने के लिए शहर में जगह-जगह लोगों की भारी भीड़ जमा रही।

शिवाजी चौक से शुरू हुआ संचलन

यह पथ संचलन कल शाम 5 बजे शिवाजी चौक स्थित उत्कृष्ट विद्यालय मैदान से अनुशासित तरीके से शुरू हुआ। इसके बाद स्वयंसेवक कदमताल करते हुए इमलीपुरा, बड़ाबम, रेलवे स्टेशन, बॉम्बे बाजार, फूल गली, मच्छी बाजार, बजरंग चौक, घंटाघर और मेडिकल चौक से होते हुए शाम 6:30 बजे वापस उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पहुंचे, जहां संचलन का समापन हुआ। पूरे रास्ते में शहरवासियों ने संचलन का स्वागत किया।

रोजगार पैदा करने वाले बनें युवा

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और संघ प्रचारक विक्रम रघुवंशी ने बौद्धिक सत्र में युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवाओं को केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अपील की कि युवा अपनी योग्यता और क्षमता के बल पर खुद का काम शुरू करें और दूसरों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करें। उन्होंने कहा कि देश के विकास में युवाओं की सोच बहुत मायने रखती है।

विदेश जाएं पर अपनी भाषा, वेशभूषा और पारिवारिक परंपराएं न भूलें

रघुवंशी ने युवाओं को संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देते हुए कहा कि वे दुनिया के किसी भी देश में जाएं, लेकिन अपनी मातृभाषा, वेशभूषा और पारिवारिक परंपराओं को कभी न भूलें। इन सांस्कृतिक और सामाजिक मूल्यों को आने वाली अगली पीढ़ी तक सही सलामत पहुंचाना भी आज के युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आधुनिकता अपनाने के साथ-साथ अपनी जड़ों से जुड़े रहना बहुत जरूरी है।

सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से करें इस्तेमाल

डिजिटल युग पर बात करते हुए उन्होंने युवाओं से मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक विचार फैलाने के लिए करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज को बांटने वाली या भ्रामक खबरों और पोस्ट से युवाओं को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने गौसेवा, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता को अपने दैनिक जीवन में उतारने की बात कही।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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