कोरोना संकटकाल में एनएचडीसी का योगदान, गरीब बस्ती में बांटा राशन

कोरोना संकटकाल में एनएचडीसी का योगदान, गरीब बस्ती में बांटा राशन

खंडवा/सुशील विधानी

खंडवा एनएचडीसी द्वारा COVID – 19 ( कोरोना वायरस ) के दौरान रोकथाम के उपाय एवं सामाजिक सेवा गतिविधियों अंतर्गत झुग्गी बस्तियों में भोजन सामग्री का वितरण किया गया। केन्द्रीय सरकार द्वारा लागू राष्ट्रीय लॉकडाउन की स्थिति में इंदिरा सागर पावर स्टेशन , नर्मदानगर द्वारा एनएचडीसी के निगमीय सामाजिक दायित्वों के अंतर्गत COVID – 19 के संक्रमण के रोकथाम हेतु विभिन्न उपाय किये जा रहे है, जिसमें मुख्यतः परियोजना क्षेत्र में आधुनिक मशीनों द्वारा कीटनाशक दवा का छिड़काव , साबुन व मास्क का वितरण इत्यादि शामिल है। इसके माध्यम से अब तक लगभग 1000 से अधिक परिवार लाभान्वित हो चुके है ।

इसी कड़ी में मंगलवार को परियोजना द्वारा समाज के निराश्रित जरूरतमंदों लोगों के बीच भोजन सामग्री जिसमेंं चावल, आटा, दाल, नमक एवं तेल आदि के 40 से अधिक खाद्यान्न पैकेट का वितरण किया गया। ये कार्य इंदिरा सागर परियोजना प्रमुख अनुराग सेठ के मार्गदर्शन वं महाप्रबंधक ( सिविल ) सुनील जैन , महाप्रबंधक ( ओएण्डएम ) वसंत हुरमाड़े , परियोजना के सीएसआर नोडल अधिकारी पी . के . सिन्हा , थाना प्रभारी , नर्मदा नगर कनेल की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर स्थानीय गणमान्य व्यक्ति अब्दुल खान , सुशील जैन , अजय सांड , महेश जायसवाल भी जनप्रतिनिधि के रूप में उपस्थित रहे ।

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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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