निजी स्कूल और शिक्षा विभाग की मिलीभगत से हो रहा है अभिभावकों का शोषण : हिंदू आर्मी स्टूडेंट

निजी स्कूल और शिक्षा विभाग की मिलीभगत से हो रहा है अभिभावकों का शोषण : हिंदू आर्मी स्टूडेंट

खंडवा, सुशील विधाणी। जिले में निजी स्कूलों द्वारा जमकर अभिभावकों का शोषण किया जा रहा है और यह पूरा खेल शिक्षा विभाग के द्वारा संचालित किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ट्यूशन फीस ली जाए लेकिन निजी स्कूलों द्वारा हर निजी स्कूलों ने अपना ही नियम मापदंड बना लिए हैं। साथ ही विद्यार्थियों से फीस का दबाव बना रहे हैं और जिले में निजी स्कूल बड़ा शोषण कर रही है। हिंदू आर्मी स्टूडेंट माधव झा ने बताया कि अभिभावकों का यह आरोप है कि निजी स्कूलों द्वारा जो शोषण किया जा रहा है। उसका हिंदू आर्मी स्टूडेंट द्वारा खुलकर विरोध किया जा रहा है और यह सतत जारी है।

जब तक निजी स्कूलों पर कार्रवाई नहीं होती जब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। कल एक समिति बनाकर कुछ शिक्षकों को निजी स्कूल की फीस वसूली की जांच हेतु जा चुकी है। लेकिन एक एक शिक्षक को चार चार स्कूल दी गई है। यह केवल एक औपचारिकता निभाई जा रही है और यदि सही उचित कार्रवाई और जांच नहीं होती है तो हम आंदोलन के लिए विवश होंगे। आज जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर हिंदू आर्मी स्टूडेंट के सदस्यों द्वारा जमकर नारेबाजी की गई और समय पर जांच और कार्रवाई नहीं होती है तो आंदोलन होगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews