खंडवा। वेलेंटाइन-डे आने वाला जिसका लोग बेसब्री से इंतजार करते हैं लेकिन खंडवा में इस बार बच्चे वेलेंलटाइन-डे नहीं मनाएंगे। बच्चे वेलेंटाइन-डे की जगह मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाएंगे। इसी कड़ी में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजकुंड में मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया इस दौरान बच्चों ने माता-पिता गुरुजनों, को तिलक लगाकर पुष्पमालाएं अर्पित की। पूजा की थाली सजाकर माता-पिता की पूजा-अर्चना की गयी। माता-पिता ने बच्चों को हृदय से लगाकर आशीर्वाद दिया। इस दौरान स्कूल के शिक्षकों को श्री योग वेदांत सेवा समिति के आह्वान पर वेलेंटाइन-डे की जगह पर मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाने का आगाज किया गया है। उसके तहत ही स्कूलों में आयोजन करवाए जा रहे है। नगर के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सूरजकुंड में मातृ पितृ पूजन दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्री योग वेदांत सेवा समिति ने दीप प्रज्जवलित कर किया। वहीं विद्यालय में मातृ-पितृ पूजन दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने अपने माता व पिता के साथ अध्यापक गुरुजनों का भी तिलक लगाकर, माला पहनाकर, प्रणाम कर पूजन किया। छात्रों को मातृ-पितृ दिवस की महत्ता बताई। इस दौरान बच्चों में अपने माता-पिता सहित घर के बड़ों का सम्मान करने की भावना जगे इसके लिए खास तौर से छोटे बच्चों के माता-पिता को स्कूल में बुलाया गया तथा उनके बच्चों की ओर से माता-पिता का माल्यार्पण कर सम्मान किया।
इस बार बच्चों ने क्यों कहा नहीं मनाएंगे वेलेंटाइन-डे
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






