मध्य प्रदेश के धार्मिक शहर ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 को लेकर अब तैयारियां जमीन पर दिखाई देने लगी हैं। प्रशासन ने विकास कार्यों में बाधा बन रहे अवैध कब्जों को हटाने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। खंडवा जिले के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में मंगलवार को बुलडोजर चलते ही इलाके में हलचल मच गई। कई मकानों और निर्माणों को तोड़ते हुए प्रशासन ने साफ संदेश दिया कि सिंहस्थ की तैयारियों में किसी तरह की रुकावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुबह से ही प्रशासनिक टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गई थी। जैसे ही बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई, आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोग कार्रवाई का विरोध करते दिखे, जबकि कई लोगों ने कहा कि विकास कार्यों के लिए प्रशासन का कदम जरूरी है। ओंकारेश्वर में यह कार्रवाई अब चर्चा का बड़ा विषय बन गई है।
ब्रह्मपुरी क्षेत्र में हटाए जा रहे अवैध कब्जे
प्रशासन के अनुसार ब्रह्मपुरी इलाके में लंबे समय से कई जगहों पर शासकीय जमीन पर अवैध कब्जे थे। इन कब्जों के कारण सिंहस्थ 2028 से जुड़े कई प्रोजेक्ट प्रभावित हो रहे थे। इसी वजह से प्रशासन ने चिन्हांकन के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक अधिकारी लगातार मौके पर मौजूद रहे। पूरे इलाके में सुरक्षा के इंतजाम किए गए ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न फैले। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह का अभियान चलाया जाएगा। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी तरह की देरी नहीं चाहता।
सिंहस्थ 2028 के लिए बनेंगे बड़े प्रोजेक्ट
ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। इसी को देखते हुए प्रशासन कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। सबसे पहले ई-कार्ट पार्किंग के लिए जमीन खाली कराई जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में परेशानी न हो।
इसके अलावा पुलिस हाउसिंग, आधुनिक कंट्रोल रूम और नई सड़क परियोजनाओं की तैयारी भी चल रही है। लोक निर्माण विभाग सड़क चौड़ीकरण का काम करेगा ताकि मेले के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर बनी रहे। वहीं मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग भी श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं तैयार करने की योजना बना रहा है।
श्रद्धालुओं के लिए बनाए जाएंगे वेटिंग हॉल
सिंहस्थ मेले के दौरान सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन की होती है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने बड़े वेटिंग हॉल बनाने की योजना तैयार की है। इन हॉल्स में श्रद्धालु आराम कर सकेंगे और उन्हें गर्मी या भीड़ से राहत मिलेगी।
प्रशासन का कहना है कि जिन जगहों पर वेटिंग हॉल बनाए जाने हैं, वहां भी जल्द अतिक्रमण हटाया जाएगा। अधिकारियों का लक्ष्य है कि सिंहस्थ शुरू होने से पहले सभी जरूरी सुविधाएं पूरी तरह तैयार हो जाएं। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा।
कलेक्टर का सख्त संदेश, “जो अड़ेगा, हटेगा”
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने साफ कहा है कि विकास कार्यों में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ 2028 प्रदेश के लिए बड़ा आयोजन है और इसकी तैयारियों में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर ने कहा कि जिन परियोजनाओं की मंजूरी मिल चुकी है, उन्हें समय पर पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसलिए सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माण हटाए जाएंगे और विकास कार्यों की रफ्तार लगातार बढ़ाई जाएगी।
लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
बुलडोजर कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजन और शहर के विकास के लिए यह कदम जरूरी है। वहीं जिन लोगों के निर्माण हटाए गए, उनमें नाराजगी भी दिखाई दी।
हालांकि प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी प्रक्रिया और नियमों के तहत की जा रही है। पहले नोटिस दिए गए थे और उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया। आने वाले दिनों में यह कार्रवाई और तेज हो सकती है।





