मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां 6 साल के एक मासूम बच्चे पर 6 से 7 आवारा कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया। कुत्तों ने बच्चे को इतनी बुरी तरह नोचा कि उसके सिर की चमड़ी तक उधड़ गई।
दरअसल, घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत ज्यादा खराब होने पर उसे इंदौर रेफर किया गया, जहां उसकी प्लास्टिक सर्जरी की गई।
कैसे हुआ मासूम पर हमला?
जानकारी के मुताबिक बच्चा घर के पास खेल रहा था। इसी दौरान अचानक आवारा कुत्तों का झुंड वहां पहुंच गया और बच्चे पर हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुत्तों ने बच्चे को जमीन पर गिराकर करीब 50 मीटर तक घसीटा। बच्चे की चीख सुनकर आसपास के लोग दौड़े और बड़ी मुश्किल से कुत्तों को भगाया। दरअसल, जब तक लोग मौके पर पहुंचे, तब तक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो चुका था। उसके सिर, चेहरे और शरीर पर गहरे घाव हो गए थे।
सिर की चमड़ी तक नोच डाली
हमले में बच्चे के सिर पर सबसे ज्यादा चोट आई। डॉक्टरों के मुताबिक कुत्तों ने सिर की चमड़ी तक नोच डाली थी। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने बच्चे को तुरंत इंदौर रेफर कर दिया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने बच्चे की प्लास्टिक सर्जरी की। फिलहाल बच्चे की हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
इलाके में फैला डर और गुस्सा
घटना के बाद इलाके के लोगों में भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से आवारा कुत्तों का आतंक बना हुआ है, लेकिन प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
दरअसल, स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कुत्तों को पकड़ने की कार्रवाई नहीं की गई। अब इस दर्दनाक घटना के बाद लोग प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
खंडवा डॉग अटैक की इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। शहरों और गांवों में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। अक्सर स्कूल जाने वाले बच्चे और बाहर खेलने वाले मासूम इनके निशाने पर आ जाते हैं। ऐसे में लोगों का कहना है कि प्रशासन को जल्द स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
यह पहला मामला नहीं है जब आवारा कुत्तों के हमले में कोई बच्चा गंभीर घायल हुआ हो। इससे पहले भी कई जिलों से ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। दरअसल, कई बार कुत्तों के झुंड छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं। इसके बावजूद कई इलाकों में कुत्तों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर प्रशासन से इलाके में अभियान चलाकर आवारा कुत्तों को पकड़ने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और बड़े हादसे हो सकते हैं। फिलहाल घायल बच्चे का इलाज इंदौर में जारी है और परिवार उसकी सलामती की दुआ कर रहा है।






