मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार हो रहे एक्शन के बावजूद रिश्वतखोरी कम नहीं हो रही है , आज फिर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने एक घूसखोर शासकीय सेवक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है, रिश्वतखोर महिला अधिकारी अपने ही विभाग की कर्मचारी से रिश्वत ले रही थी।
लोकायुक्त एसपी कार्यालय इंदौर से मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम मोजवारी तहसील खालवा जिला खण्डवाकी रहने वाली श्रीमती सलिता पालवी ने एक शिकायती आवेदन दिया था जिसमें उन्होंने बताया कि वे आंगनबाड़ी में सहायिका है, उन्होंने आवेदन में महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
आंगनबाड़ी केन्द्र-1 मोजवारी में सहायिका पद पर पदस्थ श्रीमती सलिता पालवी ने बताया कि अक्टूबर 2025 में सहायिका के पद पर आंगनबाड़ी केन्द्र 1 मोजवारी में उनकी नियुक्ति हुई थी। आवेदक के गांव मोजवारी में स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र-3 में एक कार्यकर्ता का पद रिक्त हुआ है, उनकी पात्रता कार्यकर्ता हेतु होने के कारण उन्होंने नियमानुसार कार्यकर्ता पद का फार्म महिला एवं बाल विकास विभाग खालवा में जमा करवा दिया था।
पोस्टिंग के बदले मांगी 2,05,000/-रुपये रिश्वत
आवेदन में उन्होंने आगा बताया कि वे कार्यकर्ता के पद पर आंगनबाड़ी केन्द्र-3 में पदस्थ करने के लिये पर्यवेक्षक (सविदा) सेक्टर सावली अजिला मोहे से मिली तो उन्होंने पूर्व में सहायिका के पद पर नियुक्ति देने के 5000/- रुपये एवं कार्यकर्ता के पद पर आंगनबाड़ी केन्द्र-3 मोजवारी में नियुक्ति देने के एवज में 2,00,000/- रुपये कुल 2,05,000/-रुपये रिश्वत की मांग की।
5000/- रुपये रिश्वत लेते पकड़ा
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने इसका सत्यापन किया और सत्यापन में शिकायत सही पाये जाने पर आज 26 फरवरी को ट्रैपदल का गठन किया गया। लोकायुक्त की टीम ने श्रीमती अजिला मोहे को आवेदिका से 5000/- रुपये रिश्वत राशि लेते हुये रंगे हाथों पकड़ लिया । आरोपिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण सशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अतर्गत कार्यवाही की जा रही है।







