मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दिए हैं जिसके बाद से लोकायुक्त पुलिस सहित अन्य एजेंसियां सतर्क हैं, शिकायत मिलते ही तत्काल एक्शन होता है और भ्रष्ट शासकीय सेवक रंगे हाथ पकड़ लिया जाता है , ताजा मामला खरगोन जिले का है जहाँ शिक्षक विभाग में पदस्थ BEO को लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा है।
महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख ने अपने विभागीय अधिकारियों को भ्रष्टाचार अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं जिसका असर लगातार दिखाई दे रहा है, लोकायुक्त पुलिस की विभिन्न इकाइयां रोज घूसखोरों को रंगे हाथ पकड़ रही हैं इसी क्रम में आज खरगोन में एक ट्रैप कार्यवाही की गई है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक खरगोन जिले की भगवानपुरा तहसील के अनकवाडी गाँव निवासी सुभाष बर्डे ने एक शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें उसने ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर, झिरन्या प्रभात परमार्थी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
शिकायती आवेदन में आवेदक सुभाष बर्डे ने बताया कि उसकी पत्नी सेवंती बर्डे शासकीय प्राथमिक विद्यालय भेड़िया फलिया ग़लतार तहसील भगवानपुरा खरगोन में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत है। इनकी नवंबर 2025 का वेतन अनुमोदन नहीं होने का कारण बताकर रोक दी गई थी।
अतिथि शिक्षक का वेतन निकालने मांगी रिश्वत
शिकायत में कहा गया कि वेतन निकलवाने के लिए तत्कालीन संकुल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहनपुरा प्रभात परमार्थी से वो मिले तो उन्होंने वेतन जारी करने के बदले 2000/-रुपए रिश्वत की मांग की। उसके बाद प्रभात परमार्थी दिसंबर 2025 में BEO झिरन्या के पद पर पदस्थ हो गए लेकिन वे रिश्वत की मांग करते रहे। शिकायत के बाद इसका सत्यापन किया गया।
रिश्वत हाथ में आते ही दबोचा घूसखोर अधिकारी
सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद आज ट्रैप दल गठित किया गया और इंदौर लोकायुक्त पुलिस की एक टीम खरगोन रवाना हुई। बीईओ प्रभात परमार्थी ने रिश्वत लेने के लिए घर बुलाया, जैसे ही उसने अपने ज्योति नगर खरगोन स्थित निवास पर 2000/- रिश्वत राशि ली, उसे लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिए गया है।







