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पहले अतिथि शिक्षक का वेतन रोका फिर निकालने के लिए मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने BEO को रंगे हाथ पकड़ा

Written by:Atul Saxena
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बीईओ प्रभात परमार्थी ने रिश्वत लेने के लिए घर बुलाया, जैसे ही उसने अपने ज्योति नगर खरगोन स्थित निवास पर 2000/- रिश्वत राशि ली, उसे लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया।
पहले अतिथि शिक्षक का वेतन रोका फिर निकालने के लिए मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने BEO को रंगे हाथ पकड़ा

Lokayukta Police Action

मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने दिए हैं जिसके बाद से लोकायुक्त पुलिस सहित अन्य एजेंसियां सतर्क हैं, शिकायत मिलते ही तत्काल एक्शन होता है और भ्रष्ट शासकीय सेवक रंगे हाथ पकड़ लिया जाता है , ताजा मामला खरगोन जिले का है जहाँ शिक्षक विभाग में पदस्थ BEO को लोकायुक्त पुलिस ने पकड़ा है।

महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख ने अपने विभागीय अधिकारियों को भ्रष्टाचार अधिकारियों कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए हैं जिसका असर लगातार दिखाई दे रहा है, लोकायुक्त पुलिस की विभिन्न इकाइयां रोज घूसखोरों को रंगे हाथ पकड़ रही हैं इसी क्रम में आज खरगोन में एक ट्रैप कार्यवाही की गई है।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक खरगोन जिले की भगवानपुरा तहसील  के अनकवाडी गाँव निवासी सुभाष बर्डे ने एक शिकायती आवेदन दिया था। जिसमें  उसने ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर, झिरन्या प्रभात परमार्थी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

शिकायती आवेदन में आवेदक सुभाष बर्डे ने बताया कि उसकी पत्नी सेवंती बर्डे शासकीय प्राथमिक विद्यालय भेड़िया फलिया ग़लतार तहसील भगवानपुरा खरगोन में अतिथि शिक्षक के पद पर कार्यरत है। इनकी नवंबर 2025 का वेतन अनुमोदन नहीं होने का कारण बताकर रोक दी गई थी।

अतिथि शिक्षक का वेतन निकालने मांगी रिश्वत 

शिकायत में कहा गया कि वेतन निकलवाने के लिए तत्कालीन संकुल प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मोहनपुरा प्रभात परमार्थी से वो मिले तो उन्होंने वेतन जारी करने के बदले 2000/-रुपए रिश्वत की मांग की। उसके बाद प्रभात परमार्थी दिसंबर 2025 में BEO झिरन्या के पद पर पदस्थ हो गए लेकिन वे रिश्वत की मांग करते रहे। शिकायत के बाद इसका सत्यापन किया गया।

रिश्वत हाथ में आते ही दबोचा घूसखोर अधिकारी 

सत्यापन में रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने के बाद आज ट्रैप दल गठित किया गया और इंदौर लोकायुक्त पुलिस की एक टीम खरगोन रवाना हुई।  बीईओ प्रभात परमार्थी ने रिश्वत लेने के लिए घर बुलाया, जैसे ही उसने अपने ज्योति नगर खरगोन स्थित निवास पर 2000/- रिश्वत राशि ली, उसे लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिए गया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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