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मध्य प्रदेश में दलित दूल्हे को मंदिर में एंट्री से रोका, विरोध पर परिवार का हुक्का-पानी बंद

Written by:Bhawna Choubey
Published:
मध्य प्रदेश के खरगोन में दलित दूल्हे को मंदिर में प्रवेश से रोका गया। विरोध करने पर पूरे परिवार का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया, जिससे गांव में तनाव बढ़ गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
मध्य प्रदेश में दलित दूल्हे को मंदिर में एंट्री से रोका, विरोध पर परिवार का हुक्का-पानी बंद

मध्य प्रदेश खरगोन जिले के एक गांव में जब दूल्हा अपनी दुल्हन के साथ मंदिर में पूजा करने पहुंचा, तो उसे रोक दिया गया। यह सिर्फ एक व्यक्ति के साथ हुआ व्यवहार नहीं था, बल्कि समाज में अब भी मौजूद भेदभाव की एक तस्वीर सामने आई। दूल्हे ने जब इसका विरोध किया, तो मामला और बढ़ गया और परिवार को सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ा।

क्या है पूरा मामला

पीड़ित दूल्हे निर्मल कनाड़े ने बताया कि 23 अप्रैल को उसकी शादी हुई थी। शादी के बाद वह अपनी पत्नी के साथ गांव के मंदिर में पूजा करने गया था।लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे मंदिर के अंदर जाने से रोक दिया। उसे कहा गया कि वह बाहर ही पूजा कर ले। यह बात दूल्हे और उसके परिवार के लिए बहुत अपमानजनक थी। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मंदिर का ताला खुलवाया गया और दूल्हे ने अंदर जाकर पूजा की।

विरोध करने पर हुक्का-पानी बंद

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई, जब विरोध करने के बाद दूल्हे के परिवार को सजा दी गई। गांव में पंचायत बुलाई गई और दूल्हे के परिवार के चार घरों का हुक्का-पानी बंद कर दिया गया। इसका मतलब है कि गांव के लोग उनके साथ सामाजिक संबंध नहीं रखेंगे और उन्हें जरूरी चीजें भी नहीं दी जाएंगी। परिवार ने आरोप लगाया कि गांव की किराना दुकान से भी उन्हें सामान देने से मना कर दिया गया। यह स्थिति उनके लिए और भी मुश्किल बन गई है।

सोशल मीडिया पर बयां किया दर्द

मामला तब और चर्चा में आया, जब दूल्हे ने अपनी बात सोशल मीडिया पर लिखी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि उन्हें मंदिर में जाने से रोका गया और बाद में उनके परिवार का बहिष्कार कर दिया गया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उन्हें न्याय चाहिए। यह पोस्ट तेजी से लोगों के बीच पहुंची और मामले ने तूल पकड़ लिया।

पुलिस की कार्रवाई और जांच

मामले में पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार, पहले मंदिर खुलवाने के लिए पुलिस टीम भेजी गई थी। अब परिवार को सामान न देने और सामाजिक बहिष्कार की शिकायत पर दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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