शासकीय सेवकों की रिश्वतखोरी की आदत खत्म नहीं हो रही है, आज एक बार फिर एक भ्रष्ट सरकारी मुलाजिम लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा है, बड़ी बात ये है कि आरोपी एक शासकीय कॉलेज में सहायक प्राध्यापक है और पीएससी से चयन होकर आई एक महिला सहायक प्राध्यापक से उसने 4 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की है।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक यशवंत नगर मानपुर निवासी मनोज वास्कले नामक आवेदक ने एक शिकायती पत्र ऑफिस में दिया था जिसमें उन्होंने शासकीय कॉलेज मंडलेश्वर खरगोन में पदस्थ सहायक प्राध्यापक पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।
बोला पोस्टिंग मैंने कराई, 4 लाख रुपये दीजिये
शिकायती आवेदन में मनोज वास्कले ने बताया कि उसकी पत्नी उर्मिला वास्कले का सहायक पीएससी के माध्यम से सहायक प्राध्यापक के पद पर हुआ है, उसकी पोस्टिंग धार कॉलेज में हुई तभी से शासकीय कॉलेज मंडलेश्वर खरगोन में पदस्थ सहायक प्राध्यापक आत्माराम सोलंकी 4 लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा है।
1 लाख रुपये पहले ही ले चुका
आवेदक ने बताया कि सहायक प्राध्यापक आत्माराम सोलंकी का कहना है कि उसने ही उसकी पत्नी उर्मिला वास्कले की पोस्टिंग दलौदा मंदसौर से शासकीय महाविद्यालय धार कराई है जो उसके घर मानपुर के पास है, वो अभी तक 1 लाख रुपये ले चुका है 3 लाख की और मांग कर रहा है।
शिकायत सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने बिछाया जाल
स्शिकाय्त मिलने के बाद एसपी राजेश सहाय के निर्देश पर इसका सत्यापन कराया गया जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई बातचीत के दौरान सहायक प्राध्यापक आत्माराम सोलंकी ने 50 हजार रुपये आज 27 मई को मांगे, पैसों की बात होने के बाद ट्रैप दल गठित किया गया और खरगोन रवाना किया गया।
50,000/- रुपये हाथ में आते ही सहायक प्राध्यापक गिरफ्तार
लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम आत्माराम सोलंकी के बताये स्थान धामनोद बाईपास मधुबन ढाबे पर पहुंची और छिप गई, यहाँ आवेदक मनोज ने आत्माराम को जैसे ही रिश्वत की राशि 50,000/- रुपये दी लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया, पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।






