VIDEO: DSP ने हारमोनियम बजाकर बढाया पुलिसकर्मियों का मनोबल

VIDEO: DSP ने हारमोनियम बजाकर बढाया पुलिसकर्मियों का मनोबल

खरगोन।त्रिलोक रामणेकर।

मध्य-प्रदेश (madhypradesh )के खरगोन(khargone) जिले में कोरोना महामारी से दिनभर जूझते थके हारे आने वाले जवानों में नई ऊर्जा का संचार और मनोबल बढ़ाने के लिए डीएसपी(dsp) हारमोनियम(Harmonium) बजाकर सुनाते हैं गीत-संगीत। देश भक्ति गीतों (Patriotic songs)की धुन तो कभी भजन बजाकर बढ़ा रहे जवानों का मनोबल। रोजाना शाम के समय सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए थाने में गूंजता है संगीत।

कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन गली मोहल्लों में लॉक डाउन और कर्फ्यू का पालन करा रहे हैं। दिन भर धूप में दिन भर तन झुलसाने वाली धूप में ड्यूटी कर लौटने वाले जवानों को थाने पर पहुंचने के बाद मिलता है कुछ सुकून।जी हां मध्यप्रदेश के खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 16 किलोमीटर दूर बिस्टान थाने में रोजाना शाम के समय हारमोनियम पर देश भक्ति और भजन की गूंज सुनाई देने लगती है। थके हारे जांबाज सिपाहियों में नई ऊर्जा का संचार करने के लिए डीएसपी खुद हारमोनियम बजाकर सुनाते हैं मधुर संगीत।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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