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सर्दियों में गुलाब नहीं खिल रहा? ये 8 घरेलू खाद जानें, फूलों से भर जाएगा पौधा

Written by:Bhawna Choubey
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सर्दियों में अगर गुलाब का पौधा सूखा-सूखा लग रहा है या फूल नहीं आ रहे, तो चिंता छोड़िए। हम बता रहे हैं 8 ऐसी घरेलू खाद और देखभाल के तरीके, जिनसे गुलाब में गुच्छों में फूल खिलेंगे और खुशबू से पूरा मोहल्ला महक उठेगा।
सर्दियों में गुलाब नहीं खिल रहा? ये 8 घरेलू खाद जानें, फूलों से भर जाएगा पौधा

सर्दियों का मौसम गुलाब के पौधों (Rose Plants) के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। यही वह समय होता है, जब पौधा सही देखभाल मिलने पर सबसे ज्यादा और सबसे खूबसूरत फूल देता है। लेकिन हमने अक्सर देखा है कि कई घरों में गुलाब के पौधे हरे-भरे तो रहते हैं, पर उनमें फूल नहीं आते या कलियां सूखकर गिर जाती हैं।

इसका सबसे बड़ा कारण है गलत खाद, ज्यादा पानी और धूप की कमी। अच्छी खबर यह है कि इसके लिए बाजार से महंगी खाद लाने की जरूरत नहीं। घर में मौजूद साधारण चीजों से ही गुलाब को दोबारा जानदार बनाया जा सकता है। इस लेख में हम सर्दियों में गुलाब की देखभाल के लिए 8 असरदार घरेलू खाद और जरूरी टिप्स साझा कर रहे हैं, जिन्हें अपनाने के बाद आपके बगीचे की तारीफ पड़ोसी खुद करने लगेंगे।

सर्दियों में गुलाब के पौधे के लिए सही माहौल

सर्दियों में गुलाब का पौधा तभी अच्छे फूल देता है, जब उसे सही जगह और सही देखभाल मिले। गुलाब को रोज़ कम से कम 5 से 6 घंटे की सीधी धूप चाहिए। बहुत ठंडी हवा सीधे पौधे पर न लगे, इसका ध्यान रखें। मिट्टी ऐसी होनी चाहिए, जिसमें पानी जमा न हो। पानी हमेशा थोड़ा-थोड़ा दें। अगर पौधा ज्यादा छांव में रखा गया या मिट्टी हर समय गीली रही, तो फूल नहीं आते और पौधा कमजोर हो जाता है।

गुलाब के लिए 8 बेहतरीन घरेलू खाद

गोबर की सड़ी खाद

पुरानी और अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद गुलाब के पौधे के लिए बहुत फायदेमंद होती है। यह पौधे को धीरे-धीरे ताकत देती है और जड़ों को मजबूत बनाती है। हर 15 से 20 दिन में मिट्टी को थोड़ा खोदें और 1–2 मुट्ठी खाद डाल दें। इससे पौधा हरा-भरा रहता है और फूल ज्यादा आते हैं। ध्यान रखें, ताजा गोबर न डालें, इससे पौधा खराब हो सकता है।

वर्मीकम्पोस्ट

वर्मीकम्पोस्ट को केंचुओं की खाद भी कहते हैं। यह गुलाब के पौधे के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है। इससे पौधे में नई टहनियां निकलती हैं, कलियां ज्यादा बनती हैं और फूल लंबे समय तक टिकते हैं। महीने में सिर्फ एक बार 1 मुट्ठी वर्मीकम्पोस्ट डालना काफी होता है। यह खाद मिट्टी को नरम बनाती है और पौधे को पूरी ताकत देती है।

चाय की पत्ती

घर में बची हुई चाय की पत्ती गुलाब के लिए बहुत काम की होती है। इसमें ऐसे पोषक तत्व होते हैं, जो पौधे को हरा-भरा रखते हैं। इस्तेमाल की हुई चाय की पत्ती को पहले पानी से धो लें और फिर सुखा लें। महीने में एक बार इसे गुलाब की जड़ों के पास डाल दें। इससे पौधे की ग्रोथ अच्छी होती है और फूलों की संख्या बढ़ जाती है।

केले के छिलके

केले के छिलकों में पोटैशियम होता है, जो गुलाब के फूलों को बड़ा और चमकदार बनाता है। आप केले के छिलकों को सुखाकर पीस सकते हैं और मिट्टी में मिला सकते हैं। चाहें तो छिलकों को 24 घंटे पानी में भिगोकर वह पानी पौधे में डाल दें। इससे फूलों का रंग अच्छा आता है और पौधा मजबूत बनता है।

सरसों की खली

सरसों की खली गुलाब के पौधे को जल्दी बढ़ने में मदद करती है। लेकिन इसे सीधे मिट्टी में नहीं डालना चाहिए। 1 चम्मच खली को 1 लीटर पानी में 24 घंटे भिगो दें। फिर यह पानी पौधे की मिट्टी में डालें। इससे पौधे में नई कलियां आती हैं और फूल तेजी से खिलते हैं।

अंडे के छिलके

अंडे के छिलकों में कैल्शियम होता है, जो पौधे की जड़ों को मजबूत करता है। छिलकों को अच्छे से सुखाकर पीस लें। महीने में एक बार इस पाउडर को गुलाब की मिट्टी में मिला दें। इससे पौधा बीमार नहीं पड़ता और उसकी ग्रोथ अच्छी रहती है। यह तरीका बहुत सस्ता और आसान है।

लकड़ी की राख

लकड़ी की राख गुलाब के पौधे को बीमारियों से बचाती है। इसमें ऐसे तत्व होते हैं, जो मिट्टी में फंगस नहीं लगने देते। राख की सिर्फ एक छोटी चुटकी ही काफी होती है। ज्यादा डालने से नुकसान हो सकता है। महीने में एक बार मिट्टी में हल्की मात्रा में डालें। इससे फूलों की गुणवत्ता भी बेहतर होती है।

चावल का मांड

चावल उबालने के बाद जो पानी बचता है, उसे मांड कहते हैं। इसे ठंडा करके गुलाब के पौधे में डाल सकते हैं। 15 दिन में एक बार मांड डालने से पौधे को धीरे-धीरे पोषण मिलता है। यह खाद बहुत हल्की होती है, इसलिए छोटे पौधों के लिए भी सुरक्षित है। इससे पौधा स्वस्थ रहता है और फूल अच्छे आते हैं।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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