इन सब्जियों में भूलकर भी न लगाएं जीरे का तड़का, पौष्टिकता और नेचुरल टेस्ट को कर देता है खत्म!

जीरे का तड़का स्वाद और पाचन के लिए जरूरी माना जाता है, लेकिन हर सब्जी में यह फिट नहीं बैठता। करेले, बैंगन, पालक, मूली, बथुआ, परवल, शिमला मिर्च, सेम और पत्ता गोभी में जीरा स्वाद बिगाड़ देता है।
Jeera

गांव के किचन की सुबह का नजारा ही कुछ और होता है। हल्की ठंडी हवा, मिट्टी के चूल्हे से उठता धुआं और उसके बीच रखी लोहे की कढ़ाही में धीमी आंच पर पकती दाल, जैसे ही दाल में उबाल आता है, उसमें घी डालकर तड़का तैयार किया जाता है। तड़के के लिए जीरे का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। जीरे की खुशबू फैलते ही पूरा आंगन महक उठता है। दाल में डाला गया जीरा स्वाद बढ़ाता है। साथ ही पाचन तंत्र को भी दुरुस्त करता है। पुराने चिकित्सक भी जीरे को पेट का डॉक्टर मानते आए हैं। यह गैस, एसिडिटी और अपच जैसी दिक्कतों को कम करने में मददगार होता है। यही वजह है कि हर दाल और ज्यादातर सब्जियों में जीरे का तड़का लगाने की परंपरा रही है।

लेकिन क्या आपको पता है कि जीरा हर सब्जी में अच्छा नहीं लगता? कुछ सब्जियां ऐसी हैं जिनमें जीरे का स्वाद मेल ही नहीं खाता, बल्कि उनका नेचुरल टेस्ट बिगाड़ देता है। अगर इन सब्जियों में सही मसालों का तड़का लगाया जाए, तो स्वाद के साथ सेहत भी दुरुस्त रहती है।

करेले का मसला

करेले का नाम सुनते ही लोग मुंह बना लेते हैं। इसकी कड़वाहट से ज्यादातर लोग दूर भागते हैं, लेकिन यही सब्जी औषधीय गुणों का खजाना है। डायबिटीज के मरीजों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं। मगर करेले में जीरे का तड़का बिल्कुल फिट नहीं बैठता। इससे कड़वाहट और बढ़ जाती है। करेले के लिए सबसे बेहतर तड़का है हींग और सौंफ का। हींग पचने में मदद करती है और सौंफ इसकी कड़वाहट को संतुलित कर स्वाद को बैलेंस कर देती है।

बैंगन का मिजाज

बैंगन को सब्जियों का राजा कहा जाता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी कमजोरी है कि यह बहुत तेल सोखता है। अगर इसमें जीरा डाल दिया जाए तो बैंगन का अपना स्वाद दब जाता है। बैंगन के लिए सबसे बेहतरीन तड़का है सरसों दाना और लहसुन। इससे बैंगन की डिश में हल्की खटास और अलग सुगंध आती है, जो जीरे से कभी नहीं मिल सकती।

पालक का ताजापन

हरी पत्तेदार सब्जियां अपने ताजे स्वाद के लिए ही पसंद की जाती हैं। पालक उनमें सबसे खास है। इसमें अगर जीरा डाल दिया जाए तो उसका ताजापन कम हो जाता है। पालक के लिए सबसे अच्छा तड़का लहसुन और हींग का है। इससे पालक की हरियाली बनी रहती है और खाने के बाद यह पचने में भी आसान हो जाता है।

मूली की तेज तासीर

मूली सलाद में हो या सब्जी में इसका स्वाद हमेशा अलग और तेज होता है। इसमें जीरा डालने से इसका असली टेस्ट दब जाता है। मूली की सब्जी में अजवाइन या सौंफ का तड़का लगाना ज्यादा बेहतर है।

बथुए की देसी खुशबू

बथुआ एक ऐसी पत्तेदार सब्जी है जिसकी खुशबू मिट्टी जैसी होती है। गांव के लोग इसे खास पसंद करते हैं, लेकिन इसमें जीरा डालने से इसका देसी फ्लेवर खो जाता है। बथुए में हींग, लहसुन और थोड़ा सा मेथी दाना डालने से इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।

परवल का स्वाद

परवल का स्वाद बहुत हल्का होता है। इसमें अगर जीरा डाल दिया जाए तो यह फीका लगने लगता है। परवल की डिश में कलौंजी या सरसों दाना डालना ज्यादा फायदेमंद है। इससे परवल का स्वाद खुलकर सामने आता है और एक खास खुशबू भी मिलती है।

शिमला मिर्च और सेम

इन दोनों सब्जियों की खासियत है इनका कुरकुरापन और हल्का तीखापन। अगर इनमें जीरा डाल दिया जाए तो इनका असली टेस्ट गायब हो जाता है। शिमला मिर्च और सेम में तिल या सरसों का तड़का सबसे बेहतर है। यह इनके स्वाद को गहराता है और खाने में अलग ही मजा लाता है।

पत्ता गोभी का मामला

पत्ता गोभी की सबसे बड़ी खासियत है कि यह हल्की-फुल्की और जल्दी पचने वाली सब्जी है। इसमें जीरा स्वाद के साथ मेल नहीं खाता। पत्ता गोभी की डिश में हींग, लहसुन और हल्की काली मिर्च का तड़का सबसे अच्छा बैठता है। यह इसका फ्लेवर बढ़ाता है, साथ ही इसे और भी स्वादिष्ट बनाता है।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है।)

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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