कैलाश विजयवर्गीय ने देखा इंदौर मेट्रो का अंडरग्राउंड काम, एयरपोर्ट रोड पर 20 मीटर नीचे बन रही टनल में एक दिन में लगीं 11 रिंग

इंदौर में मेट्रो की अंडरग्राउंड टनल का निर्माण सड़क के नीचे चल रहा है और ऊपर ट्रैफिक सामान्य रूप से जारी है। एयरपोर्ट रोड पर करीब 20 मीटर गहराई में बन रही इस टनल में एक दिन में 11 प्रीकास्ट रिंग इंस्टॉल की गईं।
कैलाश विजयवर्गीय ने देखा इंदौर मेट्रो का अंडरग्राउंड काम, एयरपोर्ट रोड पर 20 मीटर नीचे बन रही टनल में एक दिन में लगीं 11 रिंग

इंदौर में अंडरग्राउंड मेट्रो का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। दरअसल एयरपोर्ट रोड पर जमीन से करीब 20 मीटर नीचे टनल बनाने का काम चल रहा है। बुधवार को यहां एक दिन में 11 प्रीकास्ट रिंग लगाई गईं, जबकि रोजाना 8 से 9 रिंग लगाने का लक्ष्य रहता है। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर इंजीनियरों से काम की प्रगति और इस्तेमाल की जा रही तकनीक की जानकारी ली।

दरअसल टनल निर्माण में इस्तेमाल होने वाली प्रीकास्ट रिंग पहले से तैयार किए गए हिस्से होते हैं, जिन्हें मशीन की मदद से टनल के अंदर लगाया जाता है। एयरपोर्ट रोड पर एक दिन में 11 रिंग इंस्टॉल की गईं, जबकि यहां सामान्य तौर पर रोजाना 8 से 9 रिंग लगाने का लक्ष्य रहता है। इस तरह एक दिन में तय लक्ष्य से ज्यादा काम किया गया।

करीब 90 मीटर टनल तैयार हो चुकी

वहीं निरीक्षण के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि अब तक करीब 90 मीटर टनल तैयार हो चुकी है। निर्माण के लिए अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन मशीनों की मदद से जमीन के नीचे खुदाई और टनल बनाने का काम किया जा रहा है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो के जनरल मैनेजर राजपूत और एचसीसी के इंजीनियरों से निर्माण की प्रक्रिया समझी। तकनीकी टीम ने उन्हें काम की मौजूदा स्थिति की जानकारी दी।

जमीन के ऊपर ट्रैफिक सामान्य

दरअसल इस अंडरग्राउंड टनल की खास बात यह है कि जमीन से करीब 20 मीटर नीचे निर्माण चलने के बावजूद सड़क पर यातायात सामान्य है। मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों को भी नीचे चल रहे काम का अहसास नहीं होता। टनल निर्माण के दौरान कंपन होने के बावजूद सतह पर सामान्य गतिविधियां प्रभावित नहीं हो रही हैं। निर्माण स्थल के निरीक्षण के दौरान मंत्री ने इसे आधुनिक तकनीक और इंजीनियरिंग का उदाहरण बताया। उन्होंने इंजीनियरों से टनल बनाने के तरीके और काम की प्रगति पर चर्चा की। फिलहाल करीब 90 मीटर टनल तैयार हो चुकी है लेकिन इसका निर्माण पूरा होने के साथ इससे जुड़े दूसरे तकनीकी काम भी बाकी हैं।

मेट्रो टनल पूरी होने में अभी करीब दो साल लगेंगे

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुताबिक काम तेजी से चल रहा है लेकिन पूरी टनल और उससे जुड़े अन्य तकनीकी कामों को पूरा होने में अभी करीब दो साल का समय लगेगा। यानी एक दिन में 11 रिंग लगाने का रिकॉर्ड बनने के बावजूद परियोजना के बाकी कामों के लिए लंबा समय लगेगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने निर्माण में जुटे मेट्रो के जनरल मैनेजर राजपूत, एचसीसी के इंजीनियरों, तकनीशियनों और कर्मचारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने टीम की मेहनत की सराहना की। कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि दिवाली पर भी कई इंजीनियर और कर्मचारी निर्माण स्थल पर रहकर काम करेंगे और अपने घर नहीं जा सकेंगे।

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Rishabh Namdev

4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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