तीन दिन तक इंदौर में चला संघ का मंथन, शताब्दी वर्ष से लेकर युवा पीढ़ी तक पर चर्चा

इंदौर के डेली कॉलेज में चल रही आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक का समापन हो गया। संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत की मौजूदगी में शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, पंच परिवर्तन और शाखाओं के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई।
इंदौर

मध्य प्रदेश के इंदौर के डेली कॉलेज स्थित संत श्री रविदास जी महाराज सभागार में 2 नवंबर से चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक का बुधवार को समापन हो गया।

दरअसल इस खास बैठक में संघ के शीर्ष नेतृत्व समेत देशभर से आए करीब 400 प्रमुख प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने संगठन के कई बड़े और अहम मुद्दों पर आपस में विस्तार से चर्चा की।

मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी

संघ प्रमुख सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मुख्य उपस्थिति में यह पूरी बैठक संपन्न हुई। संघ की 100 साल की लंबी यात्रा पूरी होने के बाद संगठन को आगे किस दिशा में ले जाना है, इस लिहाज से यह बैठक बहुत खास मानी जा रही है।

इसमें शताब्दी वर्ष के दौरान विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक देशभर में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और समाज के हर वर्ग तक संघ की पहुंच बनाने की योजना तैयार की गई।

पंच परिवर्तन को व्यवहार में लाने पर जोर

बैठक के दौरान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए तय किए गए ‘पंच परिवर्तन’ के विचार को लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर विचार किया गया। संघ का पूरा जोर इन विचारों को सिर्फ कागजी कार्यक्रमों तक सीमित न रखकर नियमित व्यवहार में उतारने पर है। इसके साथ ही शताब्दी वर्ष में देशभर में फैली नई शाखाओं को और अधिक मजबूत बनाने, नई जगह शाखाएं शुरू करने और संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर चर्चा हुई।

युवाओं में नशे की लत और Gen-Z के बदलते रुझान पर गहन मंथन

आज के दौर में बदलते सामाजिक माहौल और नई पीढ़ी से जुड़े कई जरूरी विषय भी इस बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल रहे। युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की लत, Gen-Z पीढ़ी के बदलते रुझान, शिक्षा के क्षेत्र में विद्या भारती की भूमिका और विदेशों में संघ के काम को कैसे बढ़ाया जाए, इन सभी मुद्दों पर पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। संघ चाहता है कि नई पीढ़ी को सही दिशा देकर संगठन के साथ जोड़ा जाए।

11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के प्रमुख पहुंचे इंदौर

इस तीन दिवसीय बैठक में देश के सभी 11 क्षेत्रों और 46 प्रांतों के संघचालक, कार्यवाह, प्रचारक और सहयोगी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इंदौर पहुंचे थे। संघ से जुड़े कई दूसरे संगठनों के अखिल भारतीय पदाधिकारी भी इसमें विशेष रूप से बुलाए गए थे। बैठक के समापन के साथ ही सभी पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर तय हुई योजनाओं और पंच परिवर्तन के संदेश को जमीन पर लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Bhawna Choubey
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