
दीपावली पर मिठाई, दूध और अन्य खाद्य सामग्री की मांग बढ़ने के बीच इंदौर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में 3 नवंबर को खाद्य सुरक्षा और नापतोल विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के 11 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान पनीर, मावा, घी, दूध, मिठाई और रिफाइंड तेल समेत 26 खाद्य नमूने लिए गए। कुछ जगह साफ-सफाई और कीट नियंत्रण में कमी मिली, जबकि नापतोल विभाग ने असत्यापित तौल उपकरण भी जब्त किए।
विभाग के मुताबिक, लिए गए सभी नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर आगे की कार्रवाई तय होगी। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने छोटा बांगड़दा स्थित मुस्कान डेयरी से पनीर, ट्रेडिशनल मिठाई और घी के तीन नमूने लिए। स्कीम नंबर 51 की स्नेहल डेयरी से पनीर और घी के दो नमूने लिए गए। राधास्वामी नगर स्थित राममोहन दूध दही भंडार से दूध का एक नमूना संग्रहित किया गया।
परिसर की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली
वहीं मूसाखेड़ी के एसडीए कंपाउंड में फार्मर्स मिल्क कार्ट से मावा, मिल्क केक, रसगुल्ला और केसर पेड़ा के चार नमूने लिए गए। यहां परिसर की साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। इस पर संचालक को सुधार सूचना पत्र जारी किया जा रहा है। तेजाजी नगर की नवशक्ति दूध डेयरी एंड स्वीट्स में मावा और पनीर का मौके पर मैजिक बॉक्स और टेस्ट किट से शुरुआती परीक्षण किया गया। यहां से मावा, पनीर, मावा रोल और पेड़ा के चार नमूने लिए गए। इसी इलाके के श्री कृष्णा दूध दही भंडार से मिश्रित दूध का एक नमूना लिया गया। खंडवा नाका स्थित सांवरिया दूध डेयरी से गुपचुप और केसर पेड़ा के दो नमूने संग्रहित किए गए। इन नमूनों की लैब में जांच के बाद ही पता चलेगा कि खाद्य पदार्थ तय गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।
रिफाइंड तेल और नमकीन कारोबारियों के यहां भी जांच
दरअसल खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एसडीए कंपाउंड स्थित श्री बसंत इंटरप्राइजेज का निरीक्षण एक शिकायत के आधार पर किया। यहां शिकायत में बताए गए कीर्ति गोल्ड रिफाइंड सोयाबीन तेल का नमूना जांच के लिए लिया गया। इस दौरान नापतोल विभाग की टीम ने बसंत लाइट और कीर्ति गोल्ड+ रिफाइंड सोयाबीन तेल के पैकेट भी जांचे। विभाग के अनुसार, पैकेटों पर जरूरी घोषणाएं दर्ज थीं और उनका वजन भी सही मिला। हालांकि प्रतिष्ठान में इस्तेमाल किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण असत्यापित पाए गए। नापतोल विभाग ने इन्हें जब्त कर प्रकरण दर्ज किया।
सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया
वहीं पगनिशपागा स्थित एस.एस. ट्रेडिंग फर्म से पराग वनस्पति, माधव गोल्ड किचिन रिफाइंड तेल, रामदेव शिवाय वनस्पति और दिव्य अमृत लाइट फैट कुकिंग मीडियम के चार नमूने लिए गए। खातीवाला टैंक के पूजा नमकीन भंडार से मूंगफली तेल, बेसन और सोनपापड़ी के तीन नमूने संग्रहित किए गए। साउथ तुकोगंज स्थित श्रीवारी फूड वेंचर्स से उड़द दाल का एक नमूना लिया गया। यहां कीट नियंत्रण की व्यवस्था में कमी मिली और खाद्य कारोबार से जुड़े कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं थे। विभाग की ओर से प्रतिष्ठान को सुधार के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है।
असत्यापित बाट और इलेक्ट्रॉनिक मशीन जब्त की
वहीं खाद्य पदार्थों की जांच के साथ नापतोल विभाग ने दो प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। फार्मर्स मिल्क कार्ट में इस्तेमाल किया जा रहा एक असत्यापित बाट जब्त किया गया और प्रकरण दर्ज किया गया। वहीं श्री बसंत इंटरप्राइजेज में इलेक्ट्रॉनिक तौल उपकरण असत्यापित मिलने पर उसे जब्त कर कार्रवाई की गई। हालांकि तेल के पैकेटों की जांच में उनका वजन सही पाया गया और पैकेटों पर जरूरी जानकारी भी दर्ज मिली।
अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने उच्च न्यायालय और एलआईसी कार्यालय परिसर के आसपास मौजूद स्ट्रीट वेंडर्स को भी खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी जानकारी दी। विभाग ने बताया कि 3 नवंबर को चलाए गए इस अभियान में कुल 11 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और अलग-अलग खाद्य पदार्थों के 26 नमूने लिए गए।
शकील अंसारी, इंदौर
4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

