बैंगन के पौधे सूखे-सूखे लग रहे हैं? बस महीने में एक बार डालें ये 2 घरेलू चीजें

अगर आपके बैंगन के पौधे की ग्रोथ रुक गई है और फूल या फल नहीं आ रहे हैं, तो बस महीने में एक बार मिट्टी में ये दो घरेलू चीजें मिला दें। इससे पौधा हरा-भरा रहेगा और जल्दी ही फूल और बैंगन की अच्छी पैदावार मिलने लगेगी।
Brinjal Plant Care

अगर आपने घर की बालकनी या आंगन में बैंगन का पौधा (Brinjal Plant Care) लगाया है, लेकिन वह ना तो बढ़ रहा है और ना ही फूल-फल दे रहा है, तो चिंता न करें। कुछ घरेलू नुस्खे और मृदा पोषण के सही तरीके अपनाकर आप अपने पौधे की सेहत सुधार सकते हैं।

आजकल किचन गार्डनिंग का ट्रेंड खूब बढ़ा है। हर कोई चाहता है कि अपने घर में ही ताजी और केमिकल-फ्री सब्जियां उगाई जाएं। लेकिन जब मेहनत के बाद भी पौधे बढ़ना बंद कर दें, तो निराशा होना लाज़मी है। ऐसे में कुछ आसान और प्राकृतिक उपाय अपनाकर आप बैंगन के पौधे को फिर से ग्रोथ के ट्रैक पर ला सकते हैं।

पौधे की ग्रोथ के लिए अपनाएं ये ज़रूरी उपाय

गोमूत्र और सरसों खली का कमाल

अगर आप चाहते हैं कि आपके बैंगन के पौधे में फूल और फल आएं, तो महीने में एक बार सरसों की खली और गोमूत्र का मिश्रण डालें। ये दोनों चीजें पौधे को ज़रूरी नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम देती हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

  • सरसों की खली को पानी में 24 घंटे भिगो दें।
  • इसके बाद इसमें थोड़ा सा गोमूत्र मिलाएं।
  • इस मिश्रण को पौधे की जड़ में महीने में एक बार डालें।
  • यह मिश्रण न सिर्फ पौधे की ग्रोथ को बढ़ाता है बल्कि फूल झड़ने की समस्या भी दूर करता है।

अंडे का छिलका और केले का छिलका भी है फायदेमंद

कई बार मिट्टी में कैल्शियम और पोटैशियम की कमी की वजह से पौधा बढ़ना बंद कर देता है। इसके लिए अंडे और केले के छिलके सबसे अच्छे प्राकृतिक विकल्प हैं।

कैसे करें इस्तेमाल?

  • अंडे और केले के छिलकों को सुखाकर पीस लें।
  • महीने में एक बार पौधे की मिट्टी में इस पाउडर को मिलाएं।
  • इससे मिट्टी की गुणवत्ता बढ़ती है और पौधा ज्यादा हेल्दी बनता है।
  • ये नुस्खा न केवल बैंगन बल्कि अन्य सब्जियों के पौधों के लिए भी बेहद असरदार है।

 धूप और पानी की सही मात्रा भी है ज़रूरी

कई बार लोग सिर्फ खाद और पोषण पर ध्यान देते हैं लेकिन धूप और पानी की सही मात्रा का ध्यान नहीं रखते। बैंगन का पौधा दिन में कम से कम 5-6 घंटे की धूप चाहता है। वहीं, ज़रूरत से ज़्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं।

इन 2 बातों रखें ध्यान

  • मिट्टी हमेशा नमीदार होनी चाहिए लेकिन पानी जमा न हो।
  • गमले में ड्रेनेज होल ज़रूर होना चाहिए।
Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
Follow Us :GoogleNews