Hindi News

पब्लिक में बच्चा बदतमीजी करे? डांटे नहीं ये 4 ट्रिक्स मिनटों में संभाल देंगी सिचुएशन

Written by:Bhawna Choubey
Published:
पब्लिक जगहों पर बच्चे का अचानक रोना, चिल्लाना या बदतमीजी करना हर पैरेंट के लिए शर्मिंदगी का पल बन जाता है। लेकिन डांटना हर बार समाधान नहीं। जानिए वे 4 तरीके जो बच्चे को शांत भी करेंगे और आपकी पेरेंटिंग को बेहतर भी बनाएंगे।
पब्लिक में बच्चा बदतमीजी करे? डांटे नहीं ये 4 ट्रिक्स मिनटों में संभाल देंगी सिचुएशन

कभी-कभी ऐसा होता है कि आप बाजार, मॉल या शादी-ब्याह में अपने बच्चे के साथ आराम से खड़े होते हैं और अचानक बच्चा किसी छोटी-सी बात पर चिल्लाना, जिद करना या मारपीट जैसी हरकतें शुरू कर देता है। आसपास खड़े लोग घूरने लगते हैं, माहौल असहज हो जाता है और माता-पिता को लगता है कि उन्हें तुरंत बच्चे को डांट देना चाहिए, ताकि कोई उन्हें लापरवाह पैरेंट न समझे। लेकिन हकीकत यह है कि उस समय बच्चे को डांटना स्थिति को और खराब कर देता है।

विशेषज्ञ कहते हैं कि “बच्चा पब्लिक प्लेस में बदतमीजी नहीं करता, वह सिर्फ अपनी भावनाओं को नियंत्रित नहीं कर पाता। यानी समस्या उसकी हरकतों की नहीं, बल्कि उसकी अनियंत्रित भावनाओं की होती है। उस समय बच्चे को डांटने से वह और ज्यादा परेशान होता है, और पेरेंट भी गुस्से में गलत प्रतिक्रिया दे सकते हैं। ऐसे में ज़रूरत है समझदारी, धैर्य और सही रणनीति की जो बच्चे को शांत भी करे और पैरेंटिंग के अनुभव को बेहतर भी बनाए।

पब्लिक जगहों पर बच्चों की ‘बदतमीजी’ क्यों बढ़ जाती है?

अक्सर माता-पिता को लगता है कि बच्चा जान-बूझकर बदतमीजी कर रहा है, लेकिन मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि पब्लिक प्लेस में बच्चे कई कारणों से असहज हो जाते हैं। भीड़, शोर, तेज़ रोशनी, अनजान चेहरों का दबाव और अत्यधिक उत्तेजना उन्हें अंदर से बेचैन कर देती है। ऐसे में बच्चे अपनी भावनाओं को शब्दों में नहीं बता पाते और उसका रूप गुस्सा, जिद या अव्यवस्थित व्यवहार बनकर सामने आता है।

पैरेंटिंग एक्सपर्ट बताते हैं कि बच्चों का दिमाग अभी विकासशील अवस्था में होता है। वे यह नहीं जानते कि कहाँ कैसे व्यवहार करना है। इसलिए जब माता-पिता उन्हें डांटते हैं, तो उनके अंदर डर या उलझन और बढ़ जाती है। यही कारण है कि बच्चों का व्यवहार पब्लिक जगहों पर अचानक बिगड़ जाता है और माता-पिता को लगता है कि बच्चा उन्हें परेशान कर रहा है, जबकि स्थिति बिल्कुल उलटी होती है, बच्चा खुद परेशान होता है।

पब्लिक जगहों पर बदतमीजी कर रहे बच्चे को संभालने के 4 असरदार तरीके

1. ‘कनेक्ट एंड कैल्म’ तकनीक

जब बच्चा पब्लिक जगहों पर बदतमीजी करे, तो उसे तुरंत चुप कराने या डांटने की बजाय उसके स्तर पर झुककर उससे बात करें। इस तकनीक को कनेक्ट एंड कैल्म कहते हैं। बच्चे से धीरे से पूछें तुम परेशान क्यों हो? क्या कुछ हुआ? या चलो पहले आराम से सांस लेते हैं, फिर बात करते हैं। इस प्रक्रिया से बच्चा महसूस करता है कि उसे समझा जा रहा है। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि बच्चे को डांटने से उसकी भावनात्मक ऊर्जा और भड़कती है, जबकि शांत स्वर में पूछने से वह अपने गुस्से को धीरे-धीरे छोड़ देता है। यह तरीका बच्चे की भावनाओं को मान्यता देता है और वह बेहतर व्यवहार सीखने लगता है।

2. बच्चे का ध्यान दूसरी ओर मोड़ें

बच्चे के खराब व्यवहार को रोकने का सबसे आसान तरीका है उसे किसी और चीज़ की ओर व्यस्त कर देना। इसे रेडायरेक्शन मेथड कहा जाता है। जैसे अगर बच्चा खिलौना मांगकर रो रहा है, तो उसे पास की किसी रंगीन चीज़ को दिखाएं। अगर बच्चा चिल्ला रहा है, तो उसे कोई मज़ेदार सवाल पूछें, “तुम्हें याद है वो नीला गुब्बारा? कोई छोटा गेम खेलने को कहें, “चलो, 10 तक नंबर गिनते हैं… देखते हैं कौन जीतेगा। बच्चों का दिमाग बहुत जल्दी एक चीज़ से दूसरी पर चला जाता है। यह तकनीक पब्लिक प्लेसेज़ में अक्सर 90% स्थितियों को तुरंत संभाल लेती है।

3. बच्चे को ‘चॉइस’ दें, आदेश नहीं

जब बच्चा गुस्से में हो और आप उसे आदेश देंगे चुप रहो, ऐसा मत करो, अभी चलो तो वह और ज्यादा बदतमीजी करेगा। क्योंकि बच्चे को लगता है कि उससे उसकी पसंद छीनी जा रही है। बच्चों के विशेषज्ञ कहते हैं कि बच्चे को चॉइस देना उसे शांत और समझदार बनाता है। उदाहरण तुम यहां खड़ा रहना चाहोगे या थोड़ी देर वहां बैठेंगे? तुम पानी पियोगे या जूस? हम 5 मिनट रुकें या 10 मिनट के बाद चलें? चॉइस मिलने पर बच्चे का गुस्सा तुरंत कम होता है। वह खुद को कंट्रोल में महसूस करता है और बदतमीजी की संभावना कम हो जाती है।

4. शांत जगह जाएं और ‘ब्रेक टाइम’ दें

पब्लिक जगहों पर बच्चे को सज़ा देना सबसे बड़ी पेरेंटिंग गलती है। मारना-डांटना बच्चे को डराता है और स्थिति को और खराब करता है। इसके बजाय बच्चे का हाथ पकड़कर किसी शांत कोने में जाएं कोई खाली जगह कार तक या किसी शांत बेंच पर बैठना उसे कुछ मिनट का कूल-डाउन टाइम दें। धीरे से कहें, हम यहां थोड़ी देर बैठते हैं, फिर ठीक से जाएंगे। इससे बच्चा बिना प्रेशर के शांत हो जाता है। यह तकनीक दुनिया भर में सबसे सफल मानी जाती है क्योंकि यह बच्चे को भीड़ से दूर करके स्थिति को नियंत्रित कर देती है।