दिवाली (Diwali 2025) का त्योहार सिर्फ दीप और मिठाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा, समृद्धि और खुशियों का प्रतीक भी है। हर घर पर मेन गेट और पूजा घर को सजाना एक पुरानी परंपरा है। आम की तोरण विशेष रूप से मां लक्ष्मी को आकर्षित करने और घर में सुख-शांति बनाए रखने के लिए लगाई जाती है।
लेकिन केवल आम की तोरण ही पर्याप्त नहीं है। त्योहार पर अन्य पत्तों की तोरण भी लगाना शुभ माना जाता है, जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रोका जा सके और धन-समृद्धि, खुशहाली और शांति बनी रहे। इस आर्टिकल में हम विस्तार से बताएंगे कि आम की तोरण के अलावा कौन-कौन से पत्ते और सामग्री दिवाली पर सजाने के लिए उपयोगी हैं।
दिवाली पर आम के पत्तों से बना तोरण क्यों लगाते हैं? (Diwali 2025 Toran)
आम के पत्तों से बने तोरण का खास महत्व है। वास्तु शास्त्र के अनुसार इसे मुख्य द्वार पर लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है। आम के पत्तों को पवित्र माना जाता है। इसे लगाते ही घर में सुख-शांति और आराम का माहौल बन जाता है। तोरण लगाने से परिवार के सभी सदस्य खुश रहते हैं और घर में समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है। इसलिए आम की तोरण हर घर में दिवाली पर जरूरी मानी जाती है।
कितने पत्ते लगाना होता है शुभ?
वास्तु शास्त्र के अनुसार तोरण में आम के पत्तों को हमेशा ओड संख्या में लगाना चाहिए। ये संख्या 5, 7 या 21 हो सकती है। आप 3-3 पत्तों का छोटा गुच्छा बनाकर तोरण तैयार कर सकते हैं। कुछ लोग 7 या 11 पत्तों को सबसे शुभ मानते हैं। सही संख्या में पत्ते लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-शांति बनी रहती है। इससे घर में खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है और नकारात्मकता दूर रहती है।
दिवाली पर आम, अशोक और पान के पत्तों से तोरण लगाएं
दिवाली पर तोरण सिर्फ आम के पत्तों से ही नहीं, बल्कि अशोक और पान के पत्तों से भी बनाना चाहिए। आम और अशोक के पत्ते नकारात्मक ऊर्जा को दूर करते हैं और घर में सकारात्मकता लाते हैं। पान के पत्ते सुख-समृद्धि के लिए शुभ माने जाते हैं। आप चाहें तो इनमें गेंदे के फूल भी मिला सकते हैं। इससे तोरण दिखने में सुंदर और रंग-बिरंगा लगने के साथ-साथ घर में सकारात्मक माहौल भी बनाए रखता है।
तोरण को कैसे बनाएं खास?
तोरण बनाने के लिए आप आम और अशोक के पत्तों का मिश्रण कर सकते हैं। इसे और सुंदर बनाने के लिए गेंदे और पीले फूल का इस्तेमाल करें। तोरण को मुख्य द्वार पर लगाना चाहिए ताकि घर में आने वाली सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे। जब पत्ते सूख जाएं तो उन्हें हटा दें और नया तोरण लगाएं। सूखी पत्तियां नकारात्मकता ला सकती हैं, इसलिए हमेशा ताजगी और हरे पत्तों का प्रयोग करें।
तोरण लगाना क्यों जरूरी है?
यह घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखता है। परिवार के सभी सदस्यों की स्वास्थ्य और समृद्धि सुनिश्चित करता है। घर के वातावरण को शुभ और पवित्र बनाता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी सकारात्मक मानसिक प्रभाव डालता है।






