नए साल पर करें ये 6 उपाय, सालभर होगा लाभ, नहीं होगी धन की कमी, मिलेगी हर काम में सफलता

नए साल पर करें ये 6 उपाय, सालभर होगा लाभ, नहीं होगी धन की कमी, मिलेगी हर काम में सफलता

Happy New Year: साल 2023 को खत्म होने से बस कुछ दिन ही बाकी है। लोग न्यू ईयर को लेकर कई योजनाएं बना रहे हैं। नया साल भगवान की पूजा और आराधना के साथ मनाना बहुत शुभ माना जाता है। कहते हैं कि यदि साल का पहला दिन अच्छा जाता है, तो पूरे सालभर कोई परेशानी नहीं होता हो। इस खास दिन पर कुछ विशेष उपाय करने से बहुत लाभ होता है।

रविवार के दिन साल की शुरुआत

नए साल की शुरुआत रविवार से हो रही है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन सूर्यदेव की पूजा और आराधना करने से समाज में मान-सम्मान बढ़ता है। इसलिए सुबह उठ कर सूरज को अर्घ्य दें।

तरक्की के लिए उपाय

गुड़ और चावल को साथ मिलाकर बहते पानी में प्रवाहित करना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने से साल भर हर काम में सफलता मिलती है।

करें भगवान शिव की आराधना

इस साल नए साल पर कई शुभ योग बन रहे हैं, जिसमें से एक शिव योग भी है। इस खास दिन “ॐ नमः शिवाय” का जाप 108 बार करें। ऐसा करना बहुत फायदेमंद होता है हमेशा धन लाभ होता है।

घर पर लाएं ये चीजें

इस दिन कुछ ऐसी चीजें हैं, जिन्हें घर लाना बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इससे सालभर धनलाभ भी होता है। नए साल के पहले दिन घर पर लाफिंग बुद्धा, मेटल से बना कछुआ, धातु की हाथी, तुलसी का पौधा शंख और एकाक्षी नारियल लाएं।

ये उपाय भी करें

मछलियों को आटे की गोली खिलाना भी शुभ होता है। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन की समस्याएं दूर होती है। तांबे का पात्र दान करना भी बहुत लाभकारी होता है।

Disclaimer:इस खबर का उद्देश्य केवल जानकारी साझा करना है। कोई भी उपाय आजमाने से पहले विशेषज्ञों की सलाह जरूर लें।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
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