इतनी बारिश में भी सूख रहा है गुलाब का पौधा? अपनाएं ये होममेड खाद बरसात में भी खूब खिलेंगे फूल

बारिश के मौसम में गुलाब का पौधा मुरझाने लगे तो समझ लीजिए मिट्टी में नमी ज्यादा और पोषक तत्व कम हो गए हैं। अगर आप चाहते हैं कि गमला गुलाबी, खूबसूरत फूलों से भर जाए, तो इस वक्त होममेड खाद डालना सबसे असरदार तरीका है। जानिए आसान गार्डनिंग टिप्स।
Rose Plant

गुलाब का पौधा (Rose Plant) हर मौसम में खूबसूरती और खुशबू से घर को महकाता है, लेकिन बारिश के मौसम में इसकी देखभाल सबसे ज्यादा जरूरी हो जाती है। अकसर ऐसा होता है कि लगातार बारिश के बावजूद बालकनी या छत पर रखा गुलाब का पौधा सूखने लगता है या उसमें फूल आना बंद हो जाता है।

ऐसे में ज़रूरत होती है सही देखभाल की और पोषक तत्वों की पूर्ति की, जो आप घर पर बनी आसान खाद से कर सकते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपके गुलाब के पौधे में फिर से गुलाबी और बड़े-बड़े फूल खिलें, तो इस खबर में दिए गए घरेलू टिप्स जरूर अपनाएं।

बारिश में गुलाब के पौधे को कैसे करें हेल्दी और फूलों से भरपूर

1. बारिश में भी पौधा सूखने की सबसे बड़ी वजह क्या है?

बारिश में ज़्यादा नमी होने की वजह से अकसर पौधों की मिट्टी में पानी तो भर जाता है लेकिन पोषक तत्व धुल जाते हैं। खासतौर पर गमले में लगे पौधे तेज बारिश, ड्रेनेज की कमी और अधिक पानी की वजह से अपनी जड़ों को कमजोर कर बैठते हैं। ऐसे में पौधा धीरे-धीरे सूखने लगता है। ऊपर से सूरज की रोशनी कम मिलने पर पौधे का फोटोसिंथेसिस भी प्रभावित होता है, जिससे उसका विकास रुक जाता है।

2. होममेड खाद क्यों है सबसे बेस्ट विकल्प?

बारिश के मौसम में किसी भी केमिकल फर्टिलाइज़र की बजाय घर पर बनी जैविक खाद यानी होममेड खाद सबसे बेहतर साबित होती है। आप छिलकों, चाय की पत्ती, दही, गुड़ या गोबर से कम्पोस्ट खाद बना सकते हैं। ये खाद मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाने के साथ पौधे को ज़रूरी पोषण देती है। साथ ही, यह जड़ों में पानी के जमाव को कम करती है और पौधे को स्वस्थ बनाए रखती है।

3. गुलाब के पौधे को कितनी बार और कैसे दें खाद?

मानसून में गुलाब के पौधे को 10-15 दिन में एक बार हल्की मात्रा में खाद देना सही रहता है। ध्यान रहे, पानी देने से एक दिन पहले ही खाद डालें ताकि मिट्टी में पोषण अच्छे से समा जाए। आप पत्तियों पर स्प्रे करने के लिए भी दही और पानी का घोल बना सकते हैं। इससे पौधा कीटों से भी सुरक्षित रहेगा और फूल आने की प्रक्रिया तेज़ होगी।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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