पूरी तरह गोल नहीं है पृथ्वी..बदल सकता है इसका चुंबकीय क्षेत्र, पृथ्वी दिवस पर जानिए कुछ रोचक और हैरतअंगेज़ तथ्य

क्या आप जानते हैं कि 100 वर्षों में पृथ्वी का दिन लगभग 1.7 मिलीसेकंड लंबा होता जा रहा है, क्योंकि चंद्रमा पृथ्वी की गति को धीरे-धीरे धीमा कर रहा है। पृथ्वी का core लगभग 6000°C तक गर्म होता है, जो सूर्य की सतह जितना या उससे भी अधिक गर्म हो सकता है। वहीं, अंटार्कटिका में एक जगह है 'ड्राई वैलीज़' जहाँ लाखों साल से बारिश नहीं हुई है। ये पृथ्वी का सबसे सूखा इलाका है और मंगल ग्रह जैसा दिखता है। 
Earth Day

Fascinating Facts About Earth : आज पृथ्वी दिवस है। ये दिन लोगों को यह समझाने के लिए मनाया जाता है कि हमारी धरती कितनी अनमोल है और उसका संतुलन बिगड़ने से जीवन पर क्या खतरे आ सकते हैं। अगर हमने आज पर्यावरण का ध्यान नहीं रखा, तो आने वाला समय और संकट भरा हो सकता है। ये दिन हमें प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और संतुलन की ओर लौटने की प्रेरणा देता है।

पृथ्वी दिवस के ज़रिए हम यह जानने की कोशिश करते हैं कि जल, वायु, जंगल और मिट्टी जैसे संसाधनों की अंधाधुंध खपत कैसे हमें नुकसान पहुंचा रही है। वैश्विक तापमान बढ़ने, बर्फ पिघलने, समुद्री स्तर बढ़ने और मौसम के असामान्य बदलावों को लेकर लोगों को जागरूक करना इस दिन का एक प्रमुख उद्देश्य है।

पृथ्वी दिवस: अपने ग्रह को जानने का दिन

पृथ्वी दिवस का महत्व और उद्देश्य बहुत गहरा और व्यापक है। ये दिन हमें हमारी पृथ्वी को गहराई से जानने के लिए प्रेरित करता है। पृथ्वी..जो अपने चमत्कारों और रहस्यों से भरी हुई है। कभी नीले आसमान के नीचे फैली हरियाली में, तो कभी महासागरों की अथाह गहराइयों में यह धरती जीवन के अनगिनत रूपों को संजोए हुए है। इसके बारे में कई तथ्य है जो हमें हैरान कर देते हैं। आइए आज पृथ्वी से जुड़े ऐसे ही कुछ रोचक और हैरतअंगेज़ तथ्य जानते हैं।

पृथ्वी से जुड़ी रोचक जानकारी

पृथ्वी पूरी तरह गोल नहीं है : पृथ्वी पूर्ण रूप से गोल नहीं है, बल्कि यह ध्रुवों पर थोड़ी चपटी (oblate spheroid) है। भूमध्य रेखा पर इसका व्यास ज्यादा होता है, जिससे पृथ्वी का मध्य हिस्सा बाहर की ओर उभर जाता है।

पृथ्वी के चुंबक कभी उलट सकते हैं : पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र, जो हमें सूरज की हानिकारक किरणों से बचाता है कई बार उलट जाता है। यानी उत्तर और दक्षिण ध्रुव बदल सकते हैं। हालांकि ये लंबे अंतराल में होता है। ऐसा आखिरी बार लाखों साल पहले हुआ था!

चाँद के अलावा भी छोटे उपग्रह : चाँद हमारा मुख्य उपग्रह है, लेकिन कभी-कभी छोटे-छोटे उल्कापिंड पृथ्वी के पास चक्कर लगाते हैं। इन्हें “मिनी-मून” कहते हैं। ऐसा एक उल्कापिंड 2018 से 2020 तक पृथ्वी के साथ रहा।

समुद्र की गहराई में अनोखा जीवन : समुद्र का सबसे गहरा हिस्सा, मारियाना ट्रेंच, 11 किलोमीटर गहरा है। वहाँ ऐसी मछलियाँ और जीव हैं जो कहीं और नहीं मिलते। अभी भी वहाँ बहुत कुछ ढूंढना बाकी है।

पानी बहुत, लेकिन पीने को कम : पृथ्वी का 70% हिस्सा पानी से ढका है लेकिन इसमें से सिर्फ 1% पानी ही पीने लायक है। बाकी या तो समुद्र का खारा पानी है या बर्फ में जमा है।

हर जगह गुरुत्वाकर्षण एक जैसा नहीं : पृथ्वी पर कुछ जगहों पर गुरुत्वाकर्षण थोड़ा कम या ज्यादा होता है। जैसे, कनाडा के एक हिस्से में चीजें थोड़ी हल्की लगती हैं!

पृथ्वी की उम्र उल्कापिंडों से पता चली : पृथ्वी करीब 4.5 अरब साल पुरानी है। वैज्ञानिकों ने यह उम्र पृथ्वी के सबसे पुराने पत्थरों और उल्कापिंडों से जानी।

हर दिन लाखों बार बिजली गिरती है : हर सेकंड में पृथ्वी पर कहीं न कहीं बिजली चमकती है। ये बिजली हवा और मिट्टी को बेहतर बनाने में मदद करती है।

पृथ्वी का सबसे पुराना पेड़ : नॉर्वे में एक पेड़ है, जिसकी जड़ें 9,500 साल पुरानी हैं। इसका नाम “Old Tjikko” है। यह पृथ्वी का सबसे पुराना जीवित पेड़ है।

पृथ्वी की जमीन हिलती रहती है : पृथ्वी की सतह बड़ी-बड़ी प्लेटों से बनी है, जो हर साल थोड़ा-थोड़ा खिसकती हैं। इससे पहाड़ बनते हैं और भूकंप आते हैं।

(डिस्क्लेमर : ये लेख विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त जानकारियों पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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