सितंबर में छत पर उगाएं ये 3 सब्जियां, त्यौहारों में मिलेगी खूब कमाई

सितंबर में घर की छत या बालकनी पर सब्जियां उगाना बेहद आसान है। खासकर वो सब्जियां जिनकी त्योहारों में मांग सबसे ज्यादा रहती है। टमाटर, धनिया, मेथी जैसी सब्जियां न सिर्फ स्वाद बढ़ाती हैं, बल्कि जेब पर भी हल्की पड़ती हैं। जानिए आसान तरीका।
Gardening

त्योहारों का मौसम आते ही सब्जियों की कीमतें आसमान छूने लगती हैं। पत्ता गोभी, टमाटर, धनिया या मेथी – ये सब चीजें थाली में जितनी जरूरी होती हैं, बाजार में उतनी ही महंगी मिलती हैं। ऐसे में अगर आपके घर की छत या बालकनी पर ही सब्जियां उग जाएं तो त्योहारों का स्वाद दोगुना और खर्च आधा हो सकता है।

दरअसल, सितंबर का महीना सब्जियां उगाने के लिहाज से बिल्कुल सही माना जाता है। इस वक्त मौसम न ज्यादा गर्म होता है और न ही ज्यादा ठंडा। नमी और हल्की धूप का कॉम्बिनेशन पौधों के लिए परफेक्ट माना जाता है। ऐसे में टमाटर से लेकर पालक तक, कई ऐसी सब्जियां हैं जिन्हें आसानी से घर पर उगाया जा सकता है।

क्यों सितंबर का महीना सबसे अच्छा है?

सितंबर के महीने में बारिश का असर कम होने लगता है और मौसम संतुलित हो जाता है। मिट्टी में पर्याप्त नमी रहती है और तापमान भी 20 से 30 डिग्री के बीच रहता है, जो पौधों के लिए आदर्श माना जाता है। यही वजह है कि इस समय सब्जियों के पौधे जल्दी तैयार हो जाते हैं और कम देखभाल में भी अच्छे से फल-फूल देते हैं।

1. टमाटर

टमाटर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है। त्योहारों में चाहे चाट हो या स्पेशल सब्जी, टमाटर की जरूरत हमेशा पड़ती है। छोटे गमले या ग्रो बैग में मिट्टी, गोबर खाद और थोड़ी रेत मिलाकर बीज डालें। पौधे को भरपूर धूप मिले और हर 2-3 दिन में पानी डालें। एक बार पौधा लग जाने के बाद करीब 3–4 महीने तक लगातार टमाटर की फसल मिलती रहती है।

2. धनिया और मेथी

धनिया और मेथी त्योहारों में सजावट और स्वाद दोनों के लिए भारी डिमांड में रहती हैं। हल्की मिट्टी में सीधे बीज छिड़क दें और ऊपर से थोड़ी मिट्टी से ढक दें। धनिया और मेथी 20–25 दिनों में तैयार हो जाती हैं। पूड़ी, पकौड़ी, चाट और मिठाइयों की गार्निशिंग में इनका इस्तेमाल खूब होता है।

3. पालक और मूली

त्योहारों के बीच जब तैलीय और मीठे खाने से मन भर जाता है, तो हल्की-फुल्की और हेल्दी डिशेस के लिए पालक और मूली से बेहतर कुछ नहीं। मिट्टी को भुरभुरी करके बीज बो दें और रोज हल्का पानी डालें। पालक 25–30 दिन में कटाई के लिए तैयार हो जाता है, जबकि मूली 40–50 दिन में। त्योहार के बाद भी ये हेल्दी सब्जियां लंबे समय तक काम आती हैं।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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