Gaslighting word of the year 2022 : जानिये क्या है गैसलाइटिंग का अर्थ, कैसे होता है इस्तेमाल

Gaslighting word of the year 2022 : जानिये क्या है गैसलाइटिंग का अर्थ, कैसे होता है इस्तेमाल

Gaslighting word of the year 2022 : ‘गैसलाइटिंग’ को वर्ड ऑफ द ईयर के रूप में चुना गया है। ब्रिटिश नाटककार पैट्रिक हैमिल्टन ने 1938 में जब गैस लाइट नाम का नाटक लिखा, तो उन्हें पता नहीं होगा कि 21वीं सदी में इस शब्द का कितनी बार इस्तेमाल किया जाएगा। गैस लाइट नाटक पर 1940 के दशक में दो फिल्में भी बनी  हैं। साल 2022 में इस शब्द को बहुत ज्यादा सर्च किया गया है और अमेरिका के सबसे पुराने डिक्शनरी पब्लिशर मेरियम-वेबस्टर ने ‘गैसलाइटिंग’ को वर्ड ऑफ द ईयर के रूप में चयन किया है।

कंपनी के मुताबिक साल 2022 में गैसलाइटिंग शब्द की वेबसाइट पर खोज में 1,740% की वृद्धि हुई है। गैसलाइटिंग  का अर्थ है किसी के साथ मनोवैज्ञानिक रूप से खेलना, मतलब उसे इस तरह से धोखे में रखा जाए कि वो भ्रमित होने लगे और उसे अपनी ही काबिलियत पर संदेह होने लगे। गैसलाइटिंग किसी व्यक्ति को विशेष रूप से अपने लाभ के लिए गुमराह करने का कार्य या अभ्यास है। मेरियम-वेबस्टर ने एक बयान में कहा कि ‘गलत सूचनाओं के इस युग में ‘फर्जी समाचार, साजिश के सिद्धांत, ट्विटर ट्रोल और गहरी कृत्रिमता,’ गैसलाइटिंग हमारे समय के लिए एक शब्द के रूप में उभरा है।’ इसमें कई बार पीड़ित को पता भी नहीं चलता कि वो इसका शिकार हो रहा है।

गैसलाइटिंग का व्यक्ति के मनोविज्ञान पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है। इससे पीड़ित धीरे धीरे आत्मविश्वास और आत्म सम्मान खोने लगते हैं। गैसलाइटिंग करने वाला शख्स सामने वाले के साथ मनोवैज्ञानिक रूप से खेलता है और उसे धोखा देता है। वो उसके अस्तित्व पर, सच्चाई, फैसले और यादों पर सवाल खड़े करता है। ये निजी, राजनैतिक या व्यावसायिक स्तर की चालबाजी हो सकती है। इसीलिए अब इस शब्द के अर्थ को समझने के साथ ये देखना भी जरुरी है कि कहीं आपके या किसी अपने के साथ भी तो यही नहीं हो रहा। इस तरह के खेल को समझकर उससे बाहर निकलना और खुद को बचाए रखना भी सीखना होगा।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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