खुद से कम सुंदर को डेट करना? Gen-Z के बीच छाया नया डेटिंग ट्रेंड

Gen-Z: आजकल सोशल मीडिया पर एक नया डेटिंग ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है, जिसका नाम है श्रेकिंग (Shrekking)। इसमें लोग जानबूझकर अपने से कम आकर्षक पार्टनर चुन रहे हैं। माना जा रहा है कि यह ट्रेंड Gen-Z को इसलिए पसंद आ रहा है क्योंकि इसमें रिलेशनशिप में दिखावे से ज्यादा इमोशन्स और लॉयल्टी को महत्व दिया जा रहा है।
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प्यार में अक्सर कहा जाता है कि सुंदरता देखने वाले की आंखों में होती है। लेकिन अब लगता है कि Gen-Z इस लाइन को एक नए तरीके से जी रही है। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक डेटिंग ट्रेंड छाया हुआ है, जिसका नाम है श्रेकिंग (Shrekking)। इस ट्रेंड में लोग अपने से कम सुंदर या कम आकर्षक पार्टनर चुन रहे हैं और हैरानी की बात यह है कि यह ट्रेंड युवाओं के बीच काफी पॉपुलर हो रहा है।

दरअसल, इस ट्रेंड का नाम फिल्म Shrek के किरदार से लिया गया है, जिसे देखने में भले ही सुंदर न कहा जाए, लेकिन उसका दिल साफ और सच्चा होता है। यही वजह है कि यह डेटिंग ट्रेंड युवाओं को अपील कर रहा है। लोग मान रहे हैं कि खूबसूरती या लुक्स से ज्यादा ज़रूरी है किसी इंसान का नेचर, ईमानदारी और इमोशन्स।

आखिर क्या है ‘श्रेकिंग’ डेटिंग ट्रेंड?

श्रेकिंग का मतलब है खुद से कम सुंदर या कम ग्लैमरस पार्टनर को डेट करना। इस ट्रेंड के पीछे सोच यह है कि रिश्ते में फिजिकल अपीयरेंस से ज्यादा इमोशनल कनेक्शन मायने रखता है। Gen-Z अब रिलेशनशिप में परफेक्ट लुक्स की बजाय परफेक्ट पार्टनर ढूंढ रही है, जो समझदार, ईमानदार और लॉयल हो।

क्यों हो रहा है यह ट्रेंड इतना वायरल?

सोशल मीडिया का रोल

टिकटॉक, इंस्टाग्राम और X (Twitter) जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस ट्रेंड की चर्चा खूब हो रही है। श्रेकिंग (Shrekking) नाम से हजारों वीडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें लोग अपने पार्टनर को दिखाते हैं और बताते हैं कि क्यों उन्होंने लुक्स की बजाय दिल देखकर रिलेशनशिप चुना।

रिश्तों में बदलाव की सोच

आज की जनरेशन सिर्फ आउटवर्ड ब्यूटी पर ध्यान नहीं दे रही। वे ऐसे पार्टनर चाहते हैं जिनके साथ उन्हें कम्फर्ट, ट्रस्ट और लॉन्ग-टर्म सिक्योरिटी मिले। यही कारण है कि लोग श्रेकिंग को एक पॉजिटिव चॉइस मान रहे हैं, ना कि कॉम्प्रोमाइज।

साइकोलॉजिस्ट्स की राय

कई रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह ट्रेंड रिश्तों को ज्यादा सस्टेनेबल और रियलिस्टिक बना रहा है। जब लोग बाहरी लुक्स से ज्यादा इमोशन्स पर फोकस करते हैं, तो उनमें झगड़े और ब्रेकअप की संभावना कम हो जाती है। साथ ही, यह ट्रेंड लोगों में “बॉडी पॉजिटिविटी” और “सेल्फ-एक्सेप्टेंस” को भी बढ़ावा दे रहा है।

Gen-Z क्यों अपना रही है ‘श्रेकिंग’?

दिखावे से ज्यादा सच्चाई

आज की युवा पीढ़ी चाहती है कि उनका पार्टनर उनके लिए सच्चा और ईमानदार हो। सोशल मीडिया पर परफेक्ट पिक्चर वाली जिंदगी देखने के बाद भी वे समझ चुके हैं कि रियल रिलेशनशिप लुक्स पर नहीं बल्कि ट्रस्ट पर टिकी होती है।

रिलेशनशिप में लॉन्ग-टर्म गोल्स

Gen-Z ऐसे पार्टनर की तलाश कर रही है जो उनके ड्रीम्स और गोल्स को समझे, सपोर्ट करे और जिंदगी के हर उतार-चढ़ाव में साथ खड़ा रहे। इसीलिए वे अब “श्रेकिंग” को एक स्मार्ट चॉइस मान रही हैं।

बॉडी पॉजिटिविटी का मैसेज

श्रेकिंग सिर्फ एक डेटिंग ट्रेंड नहीं बल्कि एक मैसेज भी है, हर इंसान अपनी जगह खूबसूरत है। यह सोच लोगों को “सोशल स्टैंडर्ड्स ऑफ ब्यूटी” से बाहर निकलने और खुद को स्वीकार करने में मदद कर रही है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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