Happy Hug Day : क्या होता है बियर हग, अलग-अलग तरह से गले लगाने के होते हैं अलग अर्थ, जानिए आलिंगन के प्रकार

किसी को गले लगाना शारीरिक स्पर्श भर नहीं होता, ये उसके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ाव का माध्यम भी बनता है। रिसर्च कहती है कि 20 सेकंड तक का गले लगाना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे ऑक्सीटोसिन का प्रभाव अधिकतम होता है। वहीं, एक अन्य शोध बताता है कि नियमित रूप से गले लगाने से डिप्रेशन और अकेलेपन की भावना कम होती है। Carnegie Mellon University की स्टडी के अनुसार, जो लोग अधिक बार गले मिलते हैं वे वायरल संक्रमण जैसे सर्दी-जुकाम से अधिक सुरक्षित रहते हैं।
Different Types of Hugs

Happy Hug Day : वैलेंटाइन वीक में आज प्यार करने वाले hug day मना रहे हैं। किसी को हग करना या गले लगाना एक बहुत सुखद अनुभूति होती है। इससे गले लगने वाले को और लगाने वाले को..दोनों को मानसिक सुकून और खुशी महसूस होती है। और ये बात सिर्फ महसूसने तक ही सीमित नहीं है, विज्ञान भी इस तथ्य की पुष्टि करता है कि जब हम किसी को गले लगाते हैं, तो हमारे शरीर में ‘ऑक्सिटोसिन’ हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है जिसे आमतौर पर हम ‘लव हार्मोन’ या ‘हैप्पी हार्मोन’ के नाम से जानते हैं।

किसी को गले लगाने पर आपसी जुड़ाव, विश्वास और आत्मीयता महसूस होती है। आलिंगन दो लोगों के बीच के संबंधों को और मज़बूत करता है। जब कोई व्यक्ति अपने प्रियजन को लगे लगाता है तो डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर सक्रिय होते हैं, जो खुशी और सकारात्मक भाव को बढ़ावा देते हैं।

गले लगाने के होते हैं कई अर्थ

क्या आप जानते हैं कि गले लगने से ऑक्सिटोसिन हार्मोन रिलीज़ होता है। ये न सिर्फ मन को शांत करता है, बल्कि बीपी कंट्रोल करने, हार्ट हेल्थ को बेहतर करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक होता है। यह हार्मोन तनाव बढ़ाने वाले ‘कोर्टिसोल’ के स्तर को कम करता है जिससे डिप्रेशन और चिंता जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। इसलिए गले लगने और गले लगाने का कोई भी मौका कभी चूकना नहीं चाहिए। गले लगना गहरे भावनात्मक अर्थ रखना है। यह दोस्ती, प्रेम, सहानुभूति, समर्थन और खुशी व्यक्त करने का तरीका हो सकता है। हग के कई प्रकार होते हैं, और हर अलग तरह से आलिंगन करने का अपना अलग अर्थ होता है।

Hug के प्रकार और उनका मतलब

1. बियर हग (Bear Hug) : किसी के चारों ओर अपनी बाहें डालकर उसे गले लगाना जोकि एक मजबूत hug होता है, जिसमें दोनों लोग एक-दूसरे को पूरी ताकत से गले लगाते हैं। इस तरह का आलिंगन गहरा प्रेम, सुरक्षा और गर्मजोशी को दर्शाता है। इसे आमतौर पर करीबी दोस्त, परिवार के सदस्य या रोमांटिक पार्टनर करते हैं।

2. फ्रेंडली हग (Friendly Hug) : हल्का और कम समय तक रहने वाला हग, जो दोस्तों के बीच होता है। इसे कई बार औपचारिकतावश भी किया जाता है। यह सम्मान, दोस्ती और खुश रहने की भावना को दर्शाता है।

3. साइड हग (Side Hug) : इसमें दोनों लोग एक-दूसरे के बगल में खड़े होकर एक हाथ से गले लगाते हैं। यह अक्सर दोस्तों या परिचितों के बीच होता है और कम फॉर्मल माहौल में किया जाता है। ये विनम्रता और केयर के भाव को दर्शाता है।

4. बैक हग (Back Hug) : यह पीछे से गले लगाने वाला हग होता है, जो आमतौर पर प्यार और सुरक्षा की भावना को दर्शाता है। ये रोमांटिक रिश्तों में यह अधिक देखा जाता है, लेकिन कभी-कभी करीबी दोस्त भी ऐसा कर सकते हैं।

5. वन-साइडेड हग (One-Sided Hug) : जब एक व्यक्ति हग करना चाहता है लेकिन दूसरा व्यक्ति पूरी तरह से प्रतिक्रिया नहीं देता। यह असमान भावनाओं या असहजता को दर्शा सकता है। बहुत संभव है कि इसमें एक व्यक्ति के मन में किसी तरह के भाव हों और दूसरा निर्लिप्त हो।

6. लिफ्ट हग (Lift Hug) : यह तब होता है जब कोई व्यक्ति दूसरे को गले लगाकर ऊपर उठा लेता है। यह आमतौर पर बहुत अधिक उत्साह, प्यार और खुशी व्यक्त करने के लिए किया जाता है। आपने देखा होगा कि किसी स्पोर्ट में जीत के बाद अक्सर खिलाड़ी ऐसा करते हैं।

7. क्विक हग (Quick Hug) : बहुत ही छोटा या संक्षिप्त हग, जो आमतौर पर जल्दीबाज़ी में मिलने या विदा होते समय किया जाता है। यह सम्मान, परवाह और औपचारिकता की भावना को दर्शाता है।

8. स्ट्रॉन्ग सपोर्ट हग (Strong Support Hug) : यह आलिंगन तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति दुखी होता है या किसी कठिन समय से गुजर रहा होता है। यह सहानुभूति और भावनात्मक समर्थन दर्शाने का तरीका होता है।

9. रन एंड हग (Run and Hug) : इसमें एक व्यक्ति दौड़कर दूसरे को गले लगा लेता है। यह गहरी खुशी, उत्साह या बहुत दिनों बाद मिलने की खुशी को दर्शाता है।

10. रॉमांटिक हग (Romantic Hug) : यह लंबे समय तक रहने वाला हग होता है, जिसमें दोनों अक्सर एक-दूसरे को थामकर-पकड़कर रखते हैं। यह गहरे प्रेम, आत्मीयता और रोमांस को व्यक्त करता है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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