अगर बैंगन के पौधों में नहीं आ रहा है एक भी फल, घर पर ऐसे तैयार करें केमिकल फ़्री खाद

अगर आपके बैंगन के पौधे में फल नहीं आ रहे, तो घबराएं नहीं। सिर्फ मिट्टी को ढीला करके इसमें घर पर बनी सरसों की खली और केले के छिलके से तैयार खाद मिलाएं। ये प्राकृतिक खाद बैंगन की फसल को बढ़ाने में मदद करती है और पौधे को पोषण देती है।
Brinjal Plant

अगर आप भी अपने घर में या फिर बालकनी में बैगन का पौधा (Brinjal Plant) लगाया है, लेकिन वक्त गुज़र जाने के बाद भी उसमें एक भी फल अभी तक नहीं आया है, तो परेशान होने की ज़रूरत नहीं है, इसके पीछे कई कारण हो सकता है जैसे कि पौधों को सही पोषण नहीं मिल रहा हो। बैंगन के पौधों को बढ़ेगी और फल देने के लिए ख़ास देखभाल और पोषक तत्वों से भरपूर खाद की ज़रूरत होती है।

अक्सर लोग बाज़ार में मिलने वाली महँगी महँगी खाद का इस्तेमाल करते हैं और यह सोचते हैं कि शायद अब पौधा अच्छे फल देगा। लेकिन असल में ऐसा होता नहीं है, क्योंकि बैंगन के पौधों के लिए महँगी वाली खाद नहीं बल्कि किचन में पाई जाने वाली कुछ चीज़ों की मदद से घर पर ही प्राकृतिक खाद बहुत फ़ायदेमंद होते हैं।

सरसों की खली से बने टॉनिक का कमाल

सरसों की खली नाइट्रोजन फास्फोरस का अच्छा स्रोत होती है। ये पौधे की ग्रोथ को तेज़ी से बढ़ती है और जड़ों को मज़बूत करती है। इसका उपयोग करने के लिए आपको एक लीटर पानी में कम से कम एक बड़ा चम्मच सरसों की खली मिलाकर 24 घंटे तक ऐसे ही छोड़ देना है। फिर उस पानी को छानकर सीधी पौधों की जड़ों में डाल देना है। ऐसा करने से पौधों में नई शाखाएं निकलेंगी और कुछ हफ़्तों में फूल और फलों की संख्या भी बढ़ने लगेगी।

केले के छिलके से बनी खाद का करें इस्तेमाल

केले के छिलके में पोटेशियम, फास्फोरस और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जो बैंगन जैसी फलदार पौधों के लिए बेहद ज़रूरी है। केले के छिलकों को छोटे छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में मिलाएँ या फिर पानी में भिगोकर इसका इस्तेमाल करें और हर दस दिन में एक बार इसे डालें। ऐसा करने से न सिर्फ़ फल जल्द ही आएंगे बल्कि उनका आकार भी बड़ा बनेगा।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
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