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दिन पर दिन मुरझा रहा है गुड़हल? ये छोटा सा आसान तरीका ला सकता है ढेरों फूल

Written by:Bhawna Choubey
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सूख रहा गुड़हल का पौधा भी दोबारा हरा-भरा खिल उठेगा। माली का बताया आसान घरेलू तरीका, जिसमें सिर्फ़ एक फ्री की चीज़ डालकर बड़े और घने फूल पाए जा सकते हैं। जानिए कैसे आपकी गार्डनिंग बदल सकती है पूरी तरह।
दिन पर दिन मुरझा रहा है गुड़हल? ये छोटा सा आसान तरीका ला सकता है ढेरों फूल

गुड़हल का पौधा (Hibiscus Plant) हर भारतीय बगीचे की शान होता है। इसके लाल, पीले, सफेद और नारंगी बड़े-बड़े फूल न सिर्फ घर को सजाते हैं, बल्कि घर के सकारात्मक माहौल से भी जुड़े होते हैं। लेकिन अक्सर यही खूबसूरत पौधा अचानक सूखने लगता है, पत्तियां पीली होने लगती हैं, कलियां गिर जाती हैं और पूरा पौधा जैसे अपनी चमक खो देता है। ऐसे में ज्यादातर लोग सोचते हैं कि शायद पौधा अब बच नहीं पाएगा।

लेकिन ऐसा नहीं है। अनुभवी बागवानों के मुताबिक, अगर समय रहते सही देखभाल की जाए तो सूखता हुआ गुड़हल का पौधा भी कुछ हफ्तों में दोबारा हरा-भरा हो सकता है। खास बात यह है कि आपको इसके लिए कोई महंगा उर्वरक या खास दवा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक ऐसी फ्री की चीज़ है, जो हर भारतीय घर में रोज़ इस्तेमाल होती है और वही आपके गुड़हल को भरपूर फूल देने का राज है। चलिए जानते हैं पूरा तरीका, जो आपके गुड़हल को भी फिर से फूलों से लबालब भर देगा।

गुड़हल के सूखने की असली वजहें और सही देखभाल

1. ओवरवॉटरिंग

गुड़हल का पौधा जितना सुंदर दिखता है, उतना ही नाज़ुक होता है। इसकी जड़ों को हवा चाहिए होती है, और अगर मिट्टी में पानी भर जाए तो जड़ें गलने लगती हैं। यही वजह है कि कई बार पत्तियां पीली हो जाती हैं और पौधा मरता हुआ लगता है। पानी तभी दें जब मिट्टी की ऊपरी 1–2 इंच परत सूखी लगे, गमले में अच्छे ड्रेनेज होल हों, मिट्टी भुरभुरी, हल्की और जल्दी सूखने वाली हो। इस एक गलती को ठीक कर देने भर से पौधा दोबारा उठने लगता है।

2. गुड़हल में छंटाई क्यों जरूरी है?

कई लोग छंटाई नहीं करते, जबकि गुड़हल का पौधा इसी पर सबसे ज्यादा निर्भर करता है। अगर छंटाई नहीं होती है तो नई शाखाएं नहीं उगतीं, पौधा ऊंचा होकर पतला हो जाता है, फूल आते ही नहीं, इसलिए साल में 1–2 बार कठोर छंटाई करें। फूलों के मौसम में महीने में एक बार हल्की छंटाई करें, बस मुरझाए फूल और सूखी टहनियां हटाएं। इससे पौधा झाड़ीदार बनता है और खूब सारे फूल देता है।

3. पर्याप्त धूप

गुड़हल छांव में बिल्कुल नहीं खिलता। रोज़ाना कम से कम 4–5 घंटे की सीधी धूप सुबह की धूप सबसे बेहतर, गमला ऐसी जगह रखें जहां हल्की रोशनी लगातार मिलती रहे। धूप कम हुई तो फूल छोटे होंगे, और कई बार बिलकुल नहीं बनेंगे। धूप सही मिली तो फूलों का आकार भी बड़ा और रंग भी चमकीला होगा।

4. कीटों से बचाव

गुड़हल पर सबसे अधिक हमला मिलीबग्स और एफिड्स का होता है। अगर आप पत्तियों पर सफेद रूई जैसा कुछ देखें, तो समझ जाइए ये कीड़े जमा हो रहे हैं। इसका घरेलू और प्राकृतिक इलाज 1 लीटर पानी में 2 चम्मच नीम तेल या नीम के पत्तों का रस मिलाकर स्प्रे करें, हफ्ते में 1–2 बार, ये कीट दूर रहेंगे और पौधा तेजी से बढ़ेगा।

माली का बड़ा राज

अब बात करते हैं उस सबसे खास चीज़ की, जो किसी महंगे उर्वरक से ज्यादा ताकतवर है और ये चीज़ लगभग हर भारतीय रसोई में रोज़ बनती है। वो है इस्तेमाल हुई चायपत्ती। यह मिट्टी को नरम बनाने में मदद करती है। पौधे को नाइट्रोजन, पोटैशियम, फॉस्फोरस देती है। फूलों की संख्या और आकार दोनों बढ़ाती है। मतलब, इसका इस्तेमाल करने से सूखा हुआ गुड़हल भी दोबारा चमक उठेगा।

पौधे में चायपत्ती कैसे डालें?

  • चाय बनाने के बाद बची चायपत्ती लें
  • उसे कम से कम 2 बार पानी से धोएं
  • फिर अच्छे से सूखने दें
  • महीने में एक बार मिट्टी में मिलाएं
  • चाहें तो टी बैग सीधे भी मिट्टी में डाल सकते हैं, बस बिना शक्कर वाले हो
  • 15–20 दिनों के भीतर पौधे में नए पत्ते, नई कलियां और बड़े आकार के फूल दिखने लगते हैं।
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Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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